आगरा। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती पर एत्मादपुर के मॉडल स्कूल ग्राउंड में मंगलवार को भव्य प्रतिमा अनावरण एवं विशाल जनसभा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शंकर राव शिंदे सहित कई जनप्रतिनिधियों ने लोकमाता के जीवन, सुशासन, जनसेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर किसी एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की प्रेरणा हैं और उनके आदर्श आज भी सुशासन तथा जनकल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद अतिथियों ने लोकमाता की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया।

जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि समाज तभी आगे बढ़ता है, जब वह अपने इतिहास, महापुरुषों और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने अपना पूरा जीवन जनसेवा, सुशासन और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। देशभर में आक्रमणों के दौरान क्षतिग्रस्त हुए अनेक मंदिरों, तीर्थस्थलों और धार्मिक धरोहरों के पुनर्निर्माण में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।

उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, केदारनाथ, महाकाल, ओंकारेश्वर, घृष्णेश्वर, नागेश्वर, भीमाशंकर, बैद्यनाथ और रामेश्वरम सहित अनेक प्रमुख तीर्थस्थलों के पुनरुद्धार में लोकमाता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों से देशभर में सड़कें, धर्मशालाएं, घाट, कुएं और जनसुविधाओं का विकास हुआ, जिससे आम लोगों को व्यापक लाभ मिला।

प्रो. बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया है। उनकी 300वीं जयंती पर स्मारक सिक्का जारी किया गया और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए अनेक पहल की गईं। उन्होंने कहा कि लोकमाता सर्वसमाज की थीं और उनका जीवन सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि आज के समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, गणित, अंग्रेजी और कौशल आधारित प्रशिक्षण सफलता की कुंजी हैं। केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगारपरक शिक्षा अपनाकर आत्मनिर्भर बनना समय की आवश्यकता है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंदों की सहायता करने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की।
महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शंकर राव शिंदे ने कहा कि महारानी बनने के लिए सिंहासन की आवश्यकता होती है, लेकिन लोकमाता बनने के लिए करोड़ों लोगों का विश्वास जीतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान राम केवल अयोध्या के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं हैं, उसी प्रकार लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भी पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं। उनका जीवन सेवा, न्याय और जनकल्याण की ऐसी मिसाल है, जिससे हर पीढ़ी प्रेरणा लेती रहेगी।

मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन त्याग, सेवा, न्याय और आध्यात्मिक चेतना का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी जिस दूरदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ शासन चलाया, वह आज भी सुशासन का आदर्श माना जाता है। उनके प्रशासन में न्याय, पारदर्शिता और जनता के प्रति संवेदनशीलता सर्वोच्च प्राथमिकता थी।
उन्होंने कहा कि लोकमाता ने शासन को केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का साधन बनाया। उन्होंने देशभर के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का संरक्षण कर भारतीय संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सच्चा नेतृत्व वही है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास पहुंचाने का कार्य करे।
ओम बिरला ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वास्तव में जन-जन की माता थीं। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समाज, संस्कृति और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित किया। उनके आदर्श आज भी जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सेवा, समर्पण, जनभागीदारी और सुशासन की वही भावना अपनानी होगी, जिसे लोकमाता ने अपने जीवन में स्थापित किया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल की सराहना करते हुए कहा कि वे भी जनसेवा और विकास कार्यों के माध्यम से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से लोकमाता के आदर्शों को जीवन में अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भारणे, राज्यसभा सांसद रामराव वडकुते, विधान परिषद सदस्य गोपीचंद्र पडुलकर, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया, विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, धर्मपाल सिंह, भगवान सिंह कुशवाह, बाबूलाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को जनआस्था और सामाजिक समरसता का स्वरूप प्रदान किया।
