आगरा। मंडल में रेलवे द्वारा चलाए गए विशेष सघन टिकट जांच अभियान के दौरान बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों में पूरे दिन हड़कंप की स्थिति बनी रही। अभियान में 2699 यात्रियों और मामलों को पकड़ा गया, जिनसे 17.57 लाख रुपये से अधिक का राजस्व वसूला गया। यह आगरा मंडल के इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी वसूली मानी जा रही है।

आगरा मंडल में रेलवे प्रशासन द्वारा चलाए गए एक दिवसीय विशेष सघन टिकट जांच अभियान ने बिना टिकट और अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मंडल के प्रमुख स्टेशनों, ट्रेनों और रेलवे परिसरों में पूरे दिन चली जांच के दौरान यात्रियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। रेलवे अधिकारियों और टिकट जांच स्टाफ की संयुक्त टीमों ने व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर बड़ी संख्या में यात्रियों की जांच की।

रेलवे प्रशासन के अनुसार यह अभियान यात्रियों को बिना टिकट यात्रा से रोकने, अनियमित यात्रा पर नियंत्रण लगाने और रेलवे राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया गया। अभियान 5 जून को पूरे आगरा मंडल में एक साथ संचालित किया गया, जिसमें विभिन्न स्टेशनों और ट्रेनों को विशेष रूप से चिन्हित कर जांच की गई।

अभियान मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल के निर्देशन में संचालित किया गया। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अंकित गुप्ता के मार्गदर्शन में सहायक वाणिज्य प्रबंधक संजय गौतम, संजीव कुमार जाटव और मंडल वाणिज्य निरीक्षक आर.के. सिंह के नेतृत्व में कई टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने आगरा, मथुरा और मंडल के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सघन जांच अभियान चलाया।

जांच अभियान में विजय सिंह मीना, नागेंद्र तिवारी, संजय वर्मा, बी.एल. चौधरी, बलजीत सिंह और गुलजार मोहम्मद सहित मंडल के विभिन्न डिपो प्रभारियों और टिकट जांच स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही। टीमों ने प्लेटफॉर्म, जनरल कोच, रिजर्व कोच और स्टेशन परिसरों में यात्रियों के टिकटों की जांच की।
अभियान के दौरान 1058 बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा गया, जिनसे रेलवे नियमों के तहत 9 लाख 29 हजार 675 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा 1460 ऐसे यात्री मिले जो अनियमित तरीके से यात्रा कर रहे थे। इन यात्रियों से 8 लाख 9 हजार 570 रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं 181 मामलों में बिना बुक किए गए सामान ले जाने, रेलवे परिसर में धूम्रपान करने और गंदगी फैलाने जैसे मामलों में 18 हजार 550 रुपये की वसूली की गई।
पूरे अभियान के दौरान कुल 2699 यात्रियों और मामलों को पकड़ा गया, जिनसे रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत कुल 17 लाख 57 हजार 795 रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह आगरा मंडल के इतिहास में एक दिन में हुई सबसे बड़ी राजस्व वसूली का नया रिकॉर्ड है।
अभियान के दौरान कई यात्रियों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति देखने को मिली। जैसे ही टिकट जांच स्टाफ विभिन्न ट्रेनों और प्लेटफॉर्मों पर पहुंचा, बिना टिकट यात्रा कर रहे यात्रियों में हड़कंप मच गया। कई यात्रियों को मौके पर जुर्माना भरना पड़ा, जबकि कुछ मामलों में नियमों के तहत आगे की कार्रवाई भी की गई।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि गर्मियों और छुट्टियों के सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ बिना टिकट यात्रा के मामले भी बढ़ जाते हैं। इसे रोकने और रेलवे के राजस्व को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर इस प्रकार के अभियान चलाए जाते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे विशेष टिकट जांच अभियान जारी रहेंगे।
मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम ने बताया कि रेलवे प्रशासन यात्रियों को नियमबद्ध और सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिना टिकट या अनियमित यात्रा करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त जांच अभियान चलाए जाएंगे ताकि रेलवे व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाया जा सके।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें और रेलवे नियमों का पालन करें। अधिकारियों ने कहा कि बिना टिकट यात्रा करना न केवल रेलवे नियमों का उल्लंघन है बल्कि इससे यात्रियों को आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से टिकट जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है ताकि ट्रेनों में अनियमित यात्रा और राजस्व हानि को रोका जा सके। अभियान के बाद रेलवे विभाग इसे बड़ी सफलता मान रहा है और आने वाले समय में ऐसे और अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

