आगरा। आगरा स्थित दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के राज्यमंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर व्यवस्था और उपभोक्ता शिकायतों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने भ्रष्ट और काम न करने वाले लाइनमैन व अधिकारियों को चिन्हित कर सख्त विभागीय कार्रवाई और निलंबन के निर्देश दिए। साथ ही ट्रांसफार्मर खराब होने पर तत्काल बदलाव और हर गांव तक निर्बाध बिजली पहुंचाने पर जोर दिया।

दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुख्यालय, आगरा में आयोजित समीक्षा बैठक में ऊर्जा विभाग की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख देखने को मिला। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के राज्यमंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने की। बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत निगम मुख्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर व्यवस्था, शिकायत निस्तारण और फील्ड कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कैलाश सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोस्टर के अनुसार उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने के कारण लोगों को कटौती और ट्रांसफार्मर खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, इसलिए सभी उपकेंद्रों और कार्यशालाओं में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहने चाहिए।
उन्होंने ट्रांसफार्मर वर्कशॉप में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए ताकि प्राकृतिक आपदा, ओवरलोडिंग या ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में तत्काल बदलाव किया जा सके। उन्होंने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर बदलने में देरी होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है, इसलिए विभाग इस व्यवस्था को प्राथमिकता पर मजबूत करे।
राज्यमंत्री ने हर गांव तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने और क्षमता वृद्धि के लिए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लगातार ओवरलोड की शिकायतें मिल रही हैं, वहां जल्द से जल्द क्षमता विस्तार किया जाए ताकि लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या खत्म हो सके।

बैठक में सबसे अधिक सख्ती भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर दिखाई गई। कैलाश सिंह राजपूत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक उपखंड स्तर पर ऐसे लाइनमैन और कर्मचारियों को चिन्हित किया जाए जिनकी शिकायतें जनता द्वारा लगातार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं या उपभोक्ताओं के साथ गलत व्यवहार कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर निलंबन भी सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने विजिलेंस टीमों को ऑन-कैमरा चेकिंग करने के निर्देश दिए ताकि फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली की निगरानी की जा सके और अनियमितताओं पर तुरंत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था मिलनी चाहिए तथा बिजली विभाग की छवि सुधारने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
बैठक में जनप्रतिनिधियों से समन्वय को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कैलाश सिंह राजपूत ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विधानसभा स्तर पर हर महीने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें आयोजित की जाएं और उनसे प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाते हैं, इसलिए उनके साथ नियमित संवाद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों के साथ व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएं, ताकि क्षेत्रीय शिकायतों की जानकारी तत्काल साझा हो सके और उनका समाधान समय पर किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों की फोन कॉल अनदेखी न की जाए। यदि किसी कारणवश कॉल रिसीव नहीं हो पाती है तो बाद में कॉल बैक कर शिकायत की जानकारी ली जाए।
राज्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को बेहतर बिजली सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशान नहीं होना चाहिए।
बैठक के दौरान बिजली विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से कहा गया कि फील्ड स्तर पर निरीक्षण बढ़ाया जाए और जहां भी तकनीकी खामियां हैं उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
समीक्षा बैठक में डीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक श्रुति, मुख्य अभियंता विद्युत वितरण कपिल सिंधवानी सहित दक्षिण विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुख्यालय के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभागीय कार्यों और बिजली आपूर्ति व्यवस्था से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक के अंत में कैलाश सिंह राजपूत ने कहा कि बिजली विभाग की कार्यशैली में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का समाधान संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ किया जाए ताकि लोगों का भरोसा विभाग पर बना रहे।
