आगरा। आगरा में 9 जून को नवीन सर्किट हाउस सभागार में महिला उत्पीड़न और महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर विशेष जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान की मौजूदगी में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा के साथ पीड़ित महिलाओं की शिकायतें भी सुनी जाएंगी। कार्यक्रम में पुलिस, महिला कल्याण और कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे, जहां महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर मिलेगा।
आगरा में महिलाओं से जुड़े मामलों, उत्पीड़न की शिकायतों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा को लेकर 9 जून को विशेष महिला जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। नवीन सर्किट हाउस सभागार में होने वाले इस कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान मौजूद रहेंगी। सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली इस जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को सुनने के साथ संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली और योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी।
महिला उत्पीड़न की घटनाओं की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि जिन महिलाओं को घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, सामाजिक शोषण, दहेज प्रताड़ना या अन्य किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, वे जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, पंचायती राज विभाग, कौशल विकास विभाग, परिवहन विभाग और मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण विभाग से जुड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। इन विभागों द्वारा संचालित महिलाओं से संबंधित योजनाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की शिकायतों को मौके पर सुनकर संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए निर्देशित किया जाएगा। कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त अथवा उनकी ओर से नामित वरिष्ठ अधिकारी, महिला थाना प्रभारी और संबंधित क्षेत्राधिकारियों की भी मौजूदगी रहेगी। महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों की स्थिति पर चर्चा होगी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं बल्कि महिलाओं को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। कई बार महिलाएं जानकारी के अभाव में योजनाओं का लाभ नहीं उठा पातीं या अपनी समस्याओं को उचित मंच तक नहीं पहुंचा पातीं। ऐसे में यह जनसुनवाई उनके लिए सीधे प्रशासन और महिला आयोग तक पहुंचने का अवसर बनेगी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जनसुनवाई में आने वाली महिलाओं की शिकायतों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा जाएगा। जिन मामलों में तत्काल सहायता की जरूरत होगी, उनमें प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, आर्थिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर भी विशेष फोकस रहेगा।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान महिलाओं से सीधे संवाद करेंगी और उनकी समस्याओं को सुनेंगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं।
आगरा में आयोजित होने वाली यह जनसुनवाई ऐसे समय हो रही है जब महिला सुरक्षा और अधिकारों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। प्रशासन का मानना है कि महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के लिए विभागीय समन्वय बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों और पुलिस प्रशासन को एक मंच पर लाया जा रहा है।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी सूचनाओं और रिकॉर्ड के साथ मौजूद रहेंगे। इससे शिकायतों का मौके पर परीक्षण और समाधान प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी। कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
महिला आयोग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने में किसी प्रकार की झिझक नहीं रखनी चाहिए। जनसुनवाई में आने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रशासन ने जिले की महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर जनसुनवाई का लाभ उठाने की अपील की है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम महिला सुरक्षा, जागरूकता और सरकारी योजनाओं की पहुंच को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
