आगरा। जनपद में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने 15 दिवसीय विशेष अभियान की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट, टेम्परर्ड नंबर प्लेट, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले तथा अवैध खनन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ एफआईआर, सीजर और गैंगस्टर की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जनपद में अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष अभियान की समीक्षा बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में अभियान की प्रगति और अब तक की गई प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई।

गौरतलब है कि शासन के निर्देशानुसार जनपद एवं तहसील स्तर पर कार्यबल (टास्क फोर्स) का गठन कर 22 मई से अवैध खनन, अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के विरुद्ध विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। बैठक में जिलाधिकारी ने अभियान के दौरान की गई कार्रवाई का विवरण तलब किया और प्रवर्तन की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जांच की सघनता बढ़ाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट, टेम्परर्ड नंबर प्लेट, नंबर प्लेट को ढकने या उसमें छेड़छाड़ करने वाले वाहनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें सीज किया जाए। इसके अलावा ओवरलोड परिवहन करने वाले वाहनों तथा बालू, पत्थर और मिट्टी के अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने यमुना और चंबल नदी क्षेत्रों में अवैध बालू खनन तथा अन्य अवैध खनन गतिविधियों पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि बिना वैध परमिट या पट्टे के खनन करना पूरी तरह गैरकानूनी है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

बैठक में संबंधित तहसीलों के उन प्रमुख स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए, जहां से सर्वाधिक खनन वाहन गुजरते हैं। इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस, राजस्व, परिवहन, वन एवं खनन विभाग की संयुक्त टीमें तैनात करने तथा 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक वाहन का नंबर, समय और तिथि रजिस्टर में दर्ज करने तथा प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि जांच कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने एसडीएम और एसीपी को तहसील स्तर पर गठित टास्क फोर्स को सक्रिय बनाए रखने के निर्देश दिए। विशेष रूप से सीमावर्ती तहसीलों खेरागढ़, बाह, फतेहाबाद और किरावली में अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी से अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगेगा, खनिज राजस्व में वृद्धि होगी और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीडिंग से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लग सकेगी।
बैठक में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन तथा लुप्तप्राय जलीय वन्यजीवों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी चर्चा की गई। चिह्नित स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप वर्मा, उप वन संरक्षक चंबल सेंचुरी चांदनी, अपर पुलिस उपायुक्त आदित्य कुमार सहित सभी संबंधित एसीपी, एसडीएम और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

