यूपी। फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में इंसानियत को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। बदायूं से आए एक युवक ने रिश्ते में भतीजे लगने वाले डेढ़ वर्षीय मासूम को सड़क पर कई बार पटककर मौत के घाट उतार दिया। आरोप है कि वह बच्चे की मां पर शादी का दबाव बना रहा था। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर मुठभेड़ के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
एक मां अपने बेटे को तलाशते हुए घर के बाहर निकली तो सामने ऐसा मंजर था, जिसे देखकर उसकी दुनिया उजड़ गई। जिस बच्चे को कुछ देर पहले एक परिचित रिश्तेदार घुमाने के बहाने ले गया था, वही मासूम सड़क किनारे मृत अवस्था में पड़ा मिला। यह दृश्य देखते ही मां की चीख निकल गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
अरांव क्षेत्र के बामई गांव निवासी रति शर्मा करीब पांच माह से अपने मायके में रह रही थी। तीन वर्ष पहले उसकी शादी बदायूं निवासी सुमित उर्फ प्रियांक से हुई थी। पारिवारिक विवाद और प्रताड़ना के आरोपों के चलते वह अपने डेढ़ वर्षीय बेटे आरव को लेकर मायके लौट आई थी। परिवार के अनुसार पति और ससुराल पक्ष से उसका विवाद चल रहा था तथा बच्चा भी इसी विवाद का केंद्र बना हुआ था।
शनिवार दोपहर रति अपनी मां पिंकी और बेटे आरव के साथ यादव नगर में दुर्घटना में घायल अपनी परिचित पुष्पलता पाठक का हालचाल जानने गई थी। इसी दौरान बदायूं के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव शेखूपुर निवासी जितेंद्र उर्फ विराज पाठक ने फोन कर आने की बात कही। रति ने बताया कि वह घर पर नहीं है, लेकिन इसके बावजूद वह बदायूं से फिरोजाबाद पहुंच गया।
यादव नगर पहुंचने के बाद उसने मासूम आरव को घुमाने का बहाना बनाया और उसे अपने साथ बाहर ले गया। कुछ देर बाद वह बच्चे को एक सुनसान गली में ले पहुंचा। वहां जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार आरोपित ने बच्चे को कंधे के ऊपर उठाकर बार-बार सड़क पर पटका। करीब 34 सेकंड के फुटेज में वह लगभग 27 सेकंड तक बच्चे को लगातार जमीन पर पटकता दिखाई देता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान एक पड़ोसी ने यह तक कहा कि बच्चा नहीं बचेगा, लेकिन आरोपित पर कोई असर नहीं पड़ा। वह तब तक नहीं रुका, जब तक मासूम की हलचल पूरी तरह बंद नहीं हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार बच्चे की मौत सुनिश्चित करने के लिए उसने उसे दोबारा भी जमीन पर पटका।
वारदात के बाद आरोपित कुछ मिनट तक आसपास घूमता रहा और फिर मासूम के शव को उठाकर वापस उस स्थान पर पहुंचा, जहां रति मौजूद थी। उसने बच्चे को मां के सामने फेंका और मौके से भाग निकला। बेटे को उस हालत में देखकर रति बदहवास हो गई। वह आरोपित के पीछे दौड़ी, लेकिन वह हाथ नहीं आया।
परिजन तत्काल बच्चे को जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में मां और नानी का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे क्षेत्र में घटना की चर्चा फैल गई और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
पुलिस को दी गई शिकायत में पिंकी ने आरोप लगाया कि जितेंद्र उनकी बेटी पर पति से अलग होकर उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। रति लगातार इन्कार कर रही थी और अपने बेटे का हवाला देकर उससे दूरी बनाए हुए थी। परिवार का आरोप है कि इसी रंजिश में उसने मासूम को निशाना बनाया।
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। परिवार के अनुसार वारदात के बाद आरोपित ने रति के दिल्ली निवासी फूफा पंकज को फोन कर धमकी दी। उसने कथित रूप से कहा कि यदि उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई तो वह पूरे परिवार को जान से मार देगा। इस धमकी की जानकारी बाद में परिजनों ने पुलिस को दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। फुटेज सामने आने के बाद जिसने भी उसे देखा, उसकी रूह कांप उठी। कई लोग वीडियो देखकर भावुक हो गए।
सीओ शिकोहाबाद अंबरीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने आरोपित की तलाश शुरू की। रात करीब साढ़े आठ बजे मैनपुरी रोड पर भूड़ा भरथरा मोड़ के पास पुलिस ने उसे घेर लिया। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख उसने तमंचे से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह अपने साथ अवैध तमंचा लेकर आया था। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि वह बच्चे की हत्या गोली मारकर करना चाहता था, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल न होने पर उसने सड़क पर पटककर हत्या की।
घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पुलिस अभिरक्षा में उसका उपचार चल रहा है। उसके कब्जे से तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने उस पर जानलेवा हमले और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
जांच के दौरान पुलिस आरोपित की पृष्ठभूमि, पारिवारिक संबंधों और उसके व्यवहार से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार वह अविवाहित था और किराना दुकान चलाता था। कुछ लोगों ने उसके गुस्सैल स्वभाव का भी जिक्र किया है। हालांकि पुलिस इन तथ्यों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
उधर, मासूम आरव की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का कहना है कि जिस बच्चे ने अभी ठीक से दुनिया भी नहीं देखी थी, उसे निजी रंजिश की भेंट चढ़ा दिया गया। पूरे इलाके में एक ही सवाल गूंज रहा है— आखिर डेढ़ साल के आरव का क्या कसूर था?
