आगरा। ताज प्रेस क्लब के 36वें स्थापना दिवस समारोह में पत्रकारिता के संघर्ष, उपलब्धियों और बदलते स्वरूप को याद किया गया। संस्कृति भवन में आयोजित कार्यक्रम में विशेष स्मारिका “यादों के झरोखे से: ताज प्रेस क्लब” का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में ताज प्रेस क्लब की वर्षों की यात्रा, पत्रकारों के संघर्ष, सामाजिक सरोकारों, पत्रकारिता के मूल्यों और दिवंगत पत्रकारों के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया, वहीं वरिष्ठ पत्रकारों और पूर्व पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।
आगरा के संस्कृति भवन स्थित ललित कला संस्थान में शनिवार को ताज प्रेस क्लब का 36वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। दीप प्रज्ज्वलन पूर्व प्रमुख सचिव अमल कुमार वर्मा, जिलाधिकारी मनीष बंसल, पूर्व मंत्री बाबूलाल, पूर्व मंत्री सीपी राय, संस्थापक अध्यक्ष राजीव सक्सेना तथा पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने संयुक्त रूप से किया। इसके पश्चात संगीत कला केंद्र के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
समारोह का सबसे प्रमुख आकर्षण ताज प्रेस क्लब की विशेष स्मारिका “यादों के झरोखे से: ताज प्रेस क्लब” का लोकार्पण रहा। स्मारिका के प्रधान संपादक गजेंद्र यादव, सह संपादक आदर्श नंदन गुप्त और डॉ. महेश धाकड़ हैं। इस विशेष प्रकाशन में ताज प्रेस क्लब के 36 वर्षों के संघर्ष, उपलब्धियों और उसकी विकास यात्रा को विस्तार से शामिल किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान एक शॉर्ट फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें ताज प्रेस क्लब की स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा को दर्शाया गया। फिल्म के माध्यम से संघर्ष के दिनों, संगठन के विकास और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को दिखाया गया। उपस्थित लोगों ने इसे भावुकता और गर्व के साथ देखा।
अतिथियों का स्वागत करते हुए ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि संस्था को उसकी ऐतिहासिक पहचान और गरिमा के अनुरूप नया स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ताज प्रेस क्लब की स्थापना से लेकर अब तक की यात्रा संघर्ष और उपलब्धियों से भरी रही है, जिसे स्मारिका के माध्यम से संजोया गया है।
स्मारिका के संपादक एवं पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने कहा कि इस विशेष अंक में क्लब के 36 वर्षों की यात्रा को व्यापक रूप से शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 में पत्रकारों को प्रेस क्लब से बेदखल कर दिया गया था और वर्ष 1993 तक पत्रकार प्रेस क्लब विहीन रहे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पत्रकारों को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन पत्रकारों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखी।
उन्होंने बताया कि तत्कालीन मेयर रमेश कांत लवानिया के सहयोग से उस संघर्ष में कुछ सफलता मिली थी, जबकि 27 जून 1997 को तत्कालीन मेयर बेबीरानी मौर्य के प्रयासों से पत्रकारों को पूरी सफलता प्राप्त हुई और प्रेस क्लब को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि स्मारिका में केवल इतिहास ही नहीं बल्कि पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न सामाजिक और समकालीन विषयों को भी स्थान दिया गया है।उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारिता, पूर्व सदस्यों की स्मृतियां और वर्तमान पत्रकारिता में गिरते मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लेख प्रकाशित किए गए हैं ताकि पत्रकारिता के सामने मौजूद चुनौतियों और बदलावों को भी सामने लाया जा सके।
संस्थापक अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने आगरा के विकास और पत्रकारिता के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ताज प्रेस क्लब ने हमेशा पत्रकारों की आवाज को मजबूती देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और लोकतंत्र की चेतना को जीवित रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाती है।
पूर्व मंत्री बाबूलाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ताज प्रेस क्लब के सभी पूर्व पदाधिकारियों और पत्रकारों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और मीडिया लोकतंत्र का सशक्त प्रहरी बनकर कार्य करता है।
पूर्व मंत्री सीपी राय ने सुझाव दिया कि ताज प्रेस क्लब को देश के अन्य राज्यों के प्रेस क्लबों से भी जोड़ा जाना चाहिए, जिससे संस्था को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान और मजबूती मिल सके।अमल कुमार वर्मा ने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि आगरा की पत्रकारिता हमेशा जनसरोकारों से जुड़ी रही है। उन्होंने पत्रकारों की सक्रियता और जुझारू कार्यशैली की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में दिवंगत पत्रकार ओम पाराशर, प्रशांत कुलश्रेष्ठ, विनोद अग्रवाल और विजय शर्मा के परिजनों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ पत्रकारों अनिल शर्मा, बच्चन सिंह सिकरवार, किशन चतुर्वेदी, विनोद भारद्वाज, अशोक अग्निहोत्री, डॉ. गिरजा शंकर, हेमंत लवानिया, सुभाष रावत, विजय अग्रवाल, सुनील शर्मा, ओम ठाकुर, एसपी सिंह और मुकेश वर्मा को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, प्रेस फोटोग्राफर, कैमरामैन, मीडिया प्रतिनिधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ताज प्रेस क्लब का यह स्थापना दिवस समारोह पत्रकारिता की विरासत, संघर्ष और मूल्यों को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया।
