फतेहाबाद। शनिवार को पारोली सिकरवार में चकबंदी को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर के नेतृत्व में किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में किसान तथा चकबंदी विभाग के एसीओ, आरआई और लेखपाल मौजूद रहे।
महापंचायत में किसानों ने अपनी कृषि भूमि की सुरक्षा को लेकर चकबंदी विभाग के अधिकारियों के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखीं। भाकियू ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों की जमीन के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि चकबंदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की धांधली हुई तो तहसील स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक के दौरान किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि चकबंदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और नियमानुसार नया नक्शा तैयार कर प्रक्रिया को पूरा किया जाए। किसानों ने यह भी कहा कि यदि विभाग चकबंदी प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करने में सक्षम नहीं है तो इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाए।
बैठक के दौरान एक भावुक कर देने वाला दृश्य भी सामने आया। सहायक चकबंदी अधिकारी के पैर में गंभीर चोट होने के बावजूद वे किसानों की समस्याएं सुनने और उनसे संवाद करने के लिए गांव पहुंचे।
तहसील अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान अपनी जमीन को लेकर बेहद संवेदनशील हैं। यदि चकबंदी के नाम पर किसानों को परेशान किया गया या नियमों को नजरअंदाज कर कार्य किया गया तो भारतीय किसान यूनियन चुप नहीं बैठेगी। संगठन किसानों की एक-एक इंच जमीन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसानों के हक की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी।
इस दौरान तहसील प्रवक्ता गोविन्द सैंथिया, रामलाल वर्मा, छोटेलाल रघुवंशी, वासदेव वर्मा, अतर सिंह, नत्थीलाल, साहूकार सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

