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Farmers and agriculture officials attending a Farmer Day program at Vikas Bhawan auditorium in Agra discussing modern farming techniques.
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आगरा। विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ आधुनिक खेती और उत्पादन बढ़ाने से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 16 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। इसके अलावा किसानों को वर्मी कम्पोस्ट, नैनो यूरिया, मिट्टी परीक्षण, फार्मर रजिस्ट्री और उन्नत खेती तकनीकों के बारे में जानकारी देकर उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए गए।

खेती को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं ताकि किसानों की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो सके। इसी दिशा में विकास भवन सभागार में किसान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों और नई योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने की। किसान दिवस के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। कार्यक्रम में कुल 16 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनसे जुड़े मामलों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

प्राप्त शिकायतों में सहकारिता विभाग से संबंधित चार मामले सामने आए जबकि उप कृषि निदेशक विभाग से तीन शिकायतें दर्ज की गईं। इसके अलावा सिंचाई विभाग से दो शिकायतें प्राप्त हुईं। वहीं उप जिलाधिकारी टूंडला, उप जिलाधिकारी सदर, वन विभाग, विद्युत विभाग, जिला अग्रणी बैंक, जिला कृषि अधिकारी तथा जिला कृषि रक्षा अधिकारी से जुड़े मामलों की भी शिकायतें सामने आईं।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। किसानों का कहना था कि समय पर समस्याओं का समाधान होने से खेती से जुड़े कार्यों में आने वाली कठिनाइयों को कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम में केवल शिकायतों के निस्तारण पर ही ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि खेती में नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी भी साझा की गई। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान रजिस्ट्री भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ने में उपयोगी साबित हो सकती है।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र विचपुरी के प्रभारी डॉ. राजेन्द्र सिंह ने किसानों को वर्मी कम्पोस्ट के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैविक खेती और मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में वर्मी कम्पोस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसके साथ ही उन्होंने मिट्टी परीक्षण, मूंग और ढैंचा जैसी फसलों की खेती के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उनका कहना था कि सही तरीके से खेती करने और मिट्टी की गुणवत्ता का ध्यान रखने से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम में इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. प्रहलाद सिंह ने नैनो तकनीक आधारित यूरिया और डीएपी के उपयोग को लेकर जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि आधुनिक तकनीक से तैयार किए गए उत्पाद कम मात्रा में उपयोग करके बेहतर परिणाम देने की क्षमता रखते हैं और इससे खेती की लागत को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

इसके अलावा दिव्यभूमि एग्रीक्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी के प्रतिनिधि मृणाल अग्रवाल ने किसानों को एफपीओ यानी किसान उत्पादक संगठनों से मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह आधारित खेती और सामूहिक प्रयासों से किसानों को बाजार और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ, किसान प्रतिनिधि और लगभग 70 किसान उपस्थित रहे। किसान दिवस के माध्यम से किसानों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उन्हें नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों से जोड़ने का प्रयास भी किया गया, जिससे भविष्य में खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

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