आगरा। आगरा में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने सीएम डैशबोर्ड और सीएमआईएस योजना की समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों पर सख्ती दिखाई। जिन विभागों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलेगी, उनके अधिकारियों का मई 2026 का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं निर्माण परियोजनाओं में देरी करने वाली कार्यदायी संस्थाओं को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने और लंबित परियोजनाओं की स्थिति तत्काल सुधारने के आदेश दिए गए।

विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड एवं सीएमआईएस योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की प्रगति, निर्माणाधीन परियोजनाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि योजनाओं के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने अप्रैल माह की प्रगति रिपोर्ट का विस्तार से अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान कई विभागों की प्रगति अपेक्षा से कम पाई गई। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और आगामी एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन विभागों की सीएम डैशबोर्ड पर प्रगति निर्धारित मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं मिलेगी, उन विभागों के अधिकारियों के मई 2026 के वेतन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपनी योजनाओं की निगरानी गंभीरता से करें और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराएं।
बैठक में यह भी कहा गया कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी प्रशासन की प्राथमिकताओं के खिलाफ मानी जाएगी। विभागों को चेतावनी दी गई कि वे केवल आंकड़ों को अपडेट करने तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर भी योजनाओं की वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करें।
इसी क्रम में सीएमआईएस योजनाओं के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई कार्यदायी संस्थाओं की परियोजनाएं पोर्टल पर निर्धारित अवधि से विलंबित प्रदर्शित हो रही हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी लंबित परियोजनाओं को इसी माह के अंत तक हर हाल में निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी और यदि किसी स्तर पर बाधा आ रही है तो उसका समाधान तत्काल किया जाए। परियोजनाओं को समय पर पूरा करना संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में उन परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई जिनके कार्य शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे होने की स्थिति में नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समय सीमा बढ़वाने के लिए शासन एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को तत्काल पत्र भेजें। इसके साथ ही व्यक्तिगत स्तर पर भी प्रयास करते हुए परियोजनाओं की पूर्णता तिथि को संशोधित कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल पत्राचार तक सीमित रहने के बजाय व्यक्तिगत स्तर पर भी निरंतर प्रयास किए जाएं, ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो और विकास कार्य प्रभावित न हों।
बैठक में जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को भी विशेष निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा परियोजनाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, उनका थर्ड पार्टी निरीक्षण यथाशीघ्र कराया जाए। निरीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजनाओं को संबंधित विभागीय अधिकारियों को विधिवत हस्तांतरित करने की कार्रवाई भी तत्काल सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि कई बार परियोजना निर्माण पूरा होने के बाद भी औपचारिक प्रक्रिया में देरी होने से योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर नहीं पहुंच पाता। इसलिए निरीक्षण और हस्तांतरण की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए।
बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे योजनाओं और परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करते रहें तथा पोर्टल पर आंकड़ों को समय पर अपडेट करें, जिससे वास्तविक प्रगति का आकलन किया जा सके।
बैठक का मुख्य संदेश साफ दिखाई दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही, देरी और ढिलाई अब प्रशासनिक कार्रवाई का कारण बन सकती है। विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को एक सप्ताह का समय देते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करना होगा, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाएगी।
