समर वेकेशन में ट्रेनों पर भारी दबाव
वेटिंग लिस्ट 100 के पार, सीटें फुल
समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन से भी राहत नहीं
सार
गर्मी की छुट्टियों से पहले ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ चरम पर पहुंच गई है। आगरा से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट तेजी से 100 के पार पहुंच रही है। रेलवे द्वारा समर स्पेशल ट्रेनें चलाने के बावजूद यात्रियों को राहत नहीं मिल रही है, जिससे यात्रा की योजना बना रहे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आगरा। गर्मी की छुट्टियों में बाहर घूमने की योजना बना रहे यात्रियों के सामने इस बार रेलवे की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत के चलते यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। हालात यह हैं कि कई प्रमुख ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन चुकी है, जबकि अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट यात्रियों की चिंता बढ़ा रही है। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा टालने या वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार टिकट बुकिंग की शुरुआत होते ही लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें तेजी से भर जाती हैं। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि रेलवे के नियमों के तहत 60 दिन पहले टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होती है। इसी वजह से मई माह की बुकिंग खुलते ही ट्रेनों में सीटों की मांग अचानक बढ़ गई। 17 मई से पहले की अधिकांश सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं और अब वेटिंग लिस्ट लगातार बढ़ती जा रही है।

वर्तमान स्थिति यह है कि स्लीपर कोच में वेटिंग 100 के पार पहुंच चुकी है। कई ट्रेनों में स्लीपर में 103 से अधिक, एसी तृतीय श्रेणी में 125 तक और एसी द्वितीय श्रेणी में 37 तक वेटिंग दर्ज की गई है। यह आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि यात्रियों की संख्या के मुकाबले सीटें बेहद कम पड़ रही हैं। आगरा से होकर प्रतिदिन करीब 300 ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ के कारण यह संख्या भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही है।
दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक दबाव देखा जा रहा है। ग्रांड ट्रंक एक्सप्रेस और तमिलनाडु एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग लिस्ट है। गोवा एक्सप्रेस में स्लीपर में 100 से अधिक, एसी तृतीय श्रेणी में 35 और एसी द्वितीय श्रेणी में करीब 28 वेटिंग दर्ज की गई है। झेलम एक्सप्रेस और एपी एक्सप्रेस में भी यही हाल है, जहां स्लीपर और एसी कोच में भारी वेटिंग देखने को मिल रही है। तेलंगाना एक्सप्रेस और दक्षिण एक्सप्रेस में भी सीटों की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है।

इसके अलावा अन्य प्रमुख ट्रेनों में भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, पुरी-योगनगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस, अहमदाबाद एक्सप्रेस, पातालकोट एक्सप्रेस, मुंबई राजधानी एक्सप्रेस, भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस, मंगला एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस और पंजाब मेल में लगातार वेटिंग बढ़ रही है। वहीं अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस, बीकानेर-हावड़ा एक्सप्रेस, नई दिल्ली-कर्नाटक एक्सप्रेस और अमृतसर-सीएसएमटी एक्सप्रेस में भी सीट मिलना मुश्किल हो गया है।
आगरा के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आगरा कैंट स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 48 हजार यात्री यात्रा करते हैं, जबकि आगरा फोर्ट से 13 हजार, ईदगाह जंक्शन से करीब 1650 और राजामंडी स्टेशन से लगभग 4700 यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यह संख्या और भी बढ़ जाती है, जिससे रेलवे की व्यवस्थाएं दबाव में आ जाती हैं।
रेलवे द्वारा समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन के बावजूद यात्रियों को अपेक्षित राहत नहीं मिल पा रही है। यात्रियों का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ कोचों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि वेटिंग लिस्ट को कम किया जा सके। फिलहाल स्थिति यह है कि टिकट कन्फर्म कराना यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर वर्ष गर्मियों में इस तरह की स्थिति बनती है, लेकिन इस बार यात्रियों की संख्या में अधिक बढ़ोतरी के कारण समस्या और गंभीर हो गई है। ऐसे में रेलवे को अतिरिक्त ट्रेनें चलाने, कोच बढ़ाने और टिकट प्रबंधन को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और उनकी यात्रा सुगम हो सके।

