- आश्वासन समिति की आगरा में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
- विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
- लंबित कार्यों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।
आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “आश्वासन समिति” की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सर्किट हाउस सभागार, आगरा में संपन्न हुई। बैठक में जनपद आगरा एवं फिरोजाबाद के विभिन्न विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। सीएनजी वाहनों, परिवहन व्यवस्था, श्रम विभाग की योजनाओं, कारखानों के पंजीकरण, जेल विस्तार, शिक्षा विभाग के मुद्दों तथा विद्युत लाइन शिफ्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। सबसे प्रमुख मामले में 93 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग में देरी पर समिति ने गंभीर नाराजगी जताई और विद्युत विभाग के एमडी सहित अधिकारियों को लखनऊ तलब करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति और लंबित मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “आश्वासन समिति” की समीक्षा बैठक सर्किट हाउस सभागार में समिति के सभापति मो. जासमीर अंसारी की अध्यक्षता में तथा सदस्य मुकुल यादव की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में जनपद आगरा एवं फिरोजाबाद के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ शासन स्तर पर लंबित मामलों और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में समिति के सभापति एवं सदस्य का पुष्पगुच्छ, मोमेंटो एवं पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद बैठक में जनपद में ग्रीन गैस सीएनजी से संचालित वाहनों के पंजीकरण एवं संचालन की स्थिति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जनपद में थ्री व्हीलर गुड्स के 8392 वाहन तथा थ्री व्हीलर पैसेंजर के 11851 वाहन पंजीकृत हैं। इस पर समिति ने अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडर से चलने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।

परिवहन विभाग की समीक्षा में जनपद में बसों की उपलब्धता, नई बसों की खरीद तथा पुरानी बसों की नीलामी की स्थिति पर जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि 180 बसें निष्प्रयोज्य होने पर नीलाम की गई हैं तथा लखनऊ स्तर से 268 नई बसें प्राप्त हुई हैं, जिससे वर्तमान में बसों की पर्याप्त उपलब्धता बताई गई। समिति ने संविदा चालकों एवं परिचालकों के स्वास्थ्य परीक्षण तथा नियमित सेवा लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उद्योग एवं कारखाना विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच 239 औद्योगिक इकाइयों का पंजीकरण हुआ, जबकि वर्तमान में 1372 कारखाने पंजीकृत हैं। श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, जिसमें मातृत्व एवं बालिका सहायता योजना के 247 लाभार्थी, कन्या विवाह सहायता योजना के 393 लाभार्थी तथा मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के 47 लाभार्थी शामिल हैं। साथ ही बताया गया कि अटल आवासीय विद्यालय में 610 श्रमिकों के बच्चे अध्ययनरत हैं और ई-श्रम पोर्टल पर 17 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है।
बैठक में कन्या विवाह सहायता योजना के तहत पिछले तीन वर्षों से सामूहिक विवाह कार्यक्रम न कराए जाने पर समिति ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया तथा शीघ्र आयोजन के निर्देश दिए।
सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग का मामला सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि 93 विद्यालय चिह्नित किए गए थे और शासन द्वारा इसके लिए धनराशि विद्युत विभाग को जारी कर दी गई थी। इनमें से 60 विद्यालयों में लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 33 विद्यालयों में कार्य मई तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया। इस पर समिति ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और भुगतान के बावजूद कार्य में देरी पर विद्युत विभाग के एमडी एवं संबंधित अधिकारियों को लखनऊ तलब करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा आगरा और फिरोजाबाद की जेलों की क्षमता वृद्धि, निर्माण कार्यों की प्रगति, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का भुगतान, शिक्षकों के वेतन एवं चयन वेतनमान से जुड़े लंबित मामलों पर भी समीक्षा की गई। समिति ने सभी लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी, नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समिति ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
