◆ 125 शिकायतें हुईं प्राप्त, 11 मामलों का मौके पर ही निस्तारण
◆ भूमि विवादों के लिए राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश
◆ किसानों से फार्मर रजिस्ट्री तत्काल कराने की अपील, ग्राम पंचायतों व क्रय केंद्रों पर चल रहे कैंप
आगरा। तहसील सदर में शनिवार को जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया, जिसमें फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। समाधान दिवस के दौरान कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही तत्काल निस्तारण कराया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवादों से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर स्थलीय निरीक्षण के बाद समाधान कराया जाए और पूरी निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाए। इस दौरान किसानों से फार्मर रजिस्ट्री तत्काल कराने की भी अपील की गई। बताया गया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में इसके लिए कैंप लगाए जा रहे हैं और किसान गेहूं खरीद क्रय केंद्रों पर भी फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं।

तहसील सदर परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने एक-एक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का समाधान समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से हो, इसलिए किसी भी शिकायत को लंबित रखने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।

विशेष रूप से भूमि विवाद से संबंधित मामलों पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर जांच कराई जाए, जिससे विवादों का स्थायी और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद अक्सर कानून व्यवस्था की स्थिति भी उत्पन्न करते हैं, इसलिए इन मामलों में लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शिकायतकर्ता से स्वयं संपर्क करें, उनकी बात विस्तार से सुनें और समाधान के बाद उन्हें इसकी जानकारी भी दें। उन्होंने कहा कि केवल कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण को अनिवार्य बताते हुए कहा कि निस्तारण आख्या में पूरे घटनाक्रम का स्पष्ट उल्लेख किया जाए और उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

समाधान दिवस के दौरान कुल 125 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 46 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं, जबकि 18 शिकायतें पुलिस विभाग की थीं। नगर निगम से जुड़ी 12 शिकायतें प्राप्त हुईं। आगरा विकास प्राधिकरण से संबंधित 4, जल निगम की 2, टोरेंट पावर/विद्युत विभाग की 3, विकासखंड की 6 शिकायतें दर्ज हुईं। इसके अलावा बीएसए और पीओ डूडा से 2-2 शिकायतें, पूर्ति निरीक्षक से संबंधित 4, समाज कल्याण विभाग की 6, वन विभाग की 1 तथा 19 अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं।

इन शिकायतों में मुख्य रूप से विद्युत आपूर्ति, पेंशन, राशन कार्ड, भूमि विवाद, चकरोड निर्माण, अतिक्रमण, नाली निर्माण, अवैध कब्जे और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं शामिल रहीं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी किसान तत्काल अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवाएं, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं और गेहूं खरीद जैसी सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में इसके लिए विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही किसान गेहूं खरीद क्रय केंद्रों पर पहुंचकर भी अपनी फार्मर रजिस्ट्री आसानी से बनवा सकते हैं।
संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत, जिला पूर्ति अधिकारी बिमल, समाज कल्याण अधिकारी विजय लक्ष्मी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.के. पांडे, पीडीडीआरडीए रेनू, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गौड़, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया ने आमजन में प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत किया।

