• जनगणना-2027 की तैयारियों पर समीक्षा
• स्व-गणना अभियान 7 मई से शुरू
• डिजिटल माध्यम से होगी पूरी प्रक्रिया
आगरा: आगरा में जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में भारत की जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि 7 से 21 मई तक स्व-गणना फॉर्म ऑनलाइन भरे जाएंगे, जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। अधिकारियों ने प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार और डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें GIS आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

आगरा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में भारत की जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना प्रक्रिया को सफल, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां तैयार की जाती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सुपरवाइजर और प्रगणकों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण समय से पूरा कराया जाए, ताकि वे निर्धारित प्रारूप के अनुसार सही और सटीक जानकारी एकत्र कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि यह कार्य की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी और नागरिकों को पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया जा रहा है। इसके तहत 7 मई से 21 मई तक नागरिक स्वयं पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए 7 मई को विशेष अभियान चलाकर स्व-गणना की शुरुआत समारोहपूर्वक की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि इस अवसर पर जनपद के सभी जनप्रतिनिधि, शिक्षा, साहित्य, खेल, चिकित्सा, उद्योग, व्यापार, मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ सभी सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारों का विवरण भी ऑनलाइन अपलोड कराया जाए, ताकि अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह देश की 16वीं जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना के रूप में इसे आयोजित किया जाएगा। जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में 22 मई से 20 जून तक मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना के रूप में संपन्न होगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि जनगणना इस बार पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर आधारित होगी, जिसमें GIS आधारित मानचित्रों और डिजिटल ऐप का उपयोग किया जाएगा। इससे गणना कार्य अधिक सटीक और पारदर्शी होगा। स्व-गणना प्रणाली के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में समय की बचत होगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला ने जनगणना प्रक्रिया और समय-सीमा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से सामाजिक, आर्थिक और आवासीय स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्र की जाएंगी। यह डेटा भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अत्यंत उपयोगी साबित होगा। उन्होंने बताया कि मकान सूचीकरण के दौरान भवन की स्थिति, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, शौचालय, बिजली, ईंधन, एलपीजी कनेक्शन, अनाज भंडारण, फोन, वाहन, टीवी और इंटरनेट जैसी लगभग 33 प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाएंगी।
जिलाधिकारी ने बैठक में स्व-गणना के प्रति व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का प्रचार-प्रसार प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसमें भाग लें। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्य चुनाव प्रक्रिया की तरह अत्यंत जिम्मेदारी, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि गणनाकारों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण समय से और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन सही तरीके से कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी मनीष कुमार, सभी उप जिलाधिकारी, नगरीय निकायों के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

