- मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत महिला हेल्पलाइन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।
- महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा उपाय और सहायता सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर।
- आत्मनिर्भरता, संकट प्रबंधन और हेल्पलाइन सेवाओं के प्रभावी उपयोग पर विशेष ध्यान।
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान संस्थान में मिशन शक्ति फेज-5 के दूसरे चरण के तहत महिला हेल्पलाइन नंबर की जानकारी और उपयोगिता को बढ़ाने हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, संकट में सही सहायता लेने और समाज में जागरूकता फैलाने की प्रेरणा दी गई।

कार्यक्रम कुलपति के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया और इसका संचालन कुशलता से शिक्षिका नेहा अग्रवाल ने किया। इस आयोजन ने महिलाओं के आत्मविश्वास और सुरक्षा को सुदृढ़ करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित शिक्षकगण, छात्राएं और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान महिला हेल्पलाइन नंबर की आवश्यकता, उपयोगिता और आपात परिस्थितियों में तत्परता से मदद लेने के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने उदाहरणों और व्यावहारिक जानकारी के माध्यम से यह समझाया कि सही समय पर सही सहायता प्राप्त करना महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
साथ ही, छात्राओं और उपस्थित महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि जागरूकता केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक महिला को इसे समाज में अन्य महिलाओं तक फैलाने का दायित्व निभाना चाहिए, जिससे एक सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण संभव हो।
कार्यक्रम में आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने के लिए विशेष प्रेरणा दी गई। वक्ताओं ने यह भी बताया कि हेल्पलाइन का सही समय पर उपयोग महिलाओं को संकट से सुरक्षित निकालने में मदद करता है और उनके जीवन को संरक्षित करता है।
संस्थान के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल और प्रेरणादायक बनाया। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताया और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्वविद्यालय नोडल अधिकारी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम की संयोजीका और सह-संयोजीका ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन प्रतिभागियों में निरंतर उत्साह बनाए रखने में सफल रहा।
अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और यह विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियां महिलाओं के आत्मविश्वास, सुरक्षा और समाज में सशक्तिकरण को मजबूत बनाने में निरंतर योगदान देंगी।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण केवल सरकारी पहल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक स्तर पर जागरूकता फैलाना आवश्यक है। यह पहल मिशन शक्ति फेज-5 के उद्देश्य के अनुरूप महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

