. वित्तीय प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों पर विस्तृत चर्चा
. कर्मचारियों व शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसले
. आर्थिक सहायता व प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी को स्वीकृति
आगरा: आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पालीवाल पार्क परिसर के बृहस्पति भवन में आयोजित वित्त समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को मंजूरी प्रदान की गई। कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनमें प्रोत्साहन भत्ता, आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता और शिक्षक कल्याण कोष से मिलने वाली राशि में वृद्धि शामिल है। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया और उन्हें अनुमोदन दिया गया।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर स्थित बृहस्पति भवन में आज वित्त समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजटीय प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान विभिन्न वित्तीय एवं प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श के उपरांत बजट को सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आशु रानी ने की, जिनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए
बैठक में विशेष रूप से कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वित्त समिति ने अनुबंध एवं मानदेय पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को उनकी पूर्व मांग के आधार पर गठित समिति की संस्तुति को ध्यान में रखते हुए होली पर्व के अवसर पर ₹2000 का प्रोत्साहन भत्ता प्रदान किए जाने की सहमति दी। यह निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और उनके कार्य के प्रति प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अतिरिक्त कर्मचारी संघ की एक अन्य प्रमुख मांग पर विचार करते हुए समिति ने यह निर्णय लिया कि यदि किसी कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होती है, तो विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि को ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 किया जाएगा। इस निर्णय से संबंधित परिवारों को आर्थिक रूप से अधिक सहयोग मिल सकेगा और आपात स्थिति में उन्हें राहत प्रदान होगी।
इसी क्रम में शिक्षक संघ के प्रस्ताव पर भी समिति ने सकारात्मक निर्णय लिया। शिक्षक कल्याण कोष से आकस्मिक निधन की स्थिति में शिक्षकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। यह निर्णय शिक्षकों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे भविष्य में किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में परिवार को बेहतर सहायता मिल सके।
बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य प्रस्तावों, सुझावों एवं आवश्यक कार्यों पर भी विचार किया गया और उन्हें अनुमोदन प्रदान किया गया। इस बैठक में वित्त अधिकारी महिमा चंद, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश, कुलसचिव अजय मिश्रा, डिप्टी रजिस्ट्रार कैलाश बिंद तथा असिस्टेंट रजिस्ट्रार रमाकांत त्रिपाठी उपस्थित रहे। इसके अलावा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी आगरा एवं कार्य परिषद द्वारा नामित सदस्य प्रो. सुधांशु पांडिया, कानपुर से ऑनलाइन माध्यम के जरिए बैठक में शामिल हुए।
बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कर्मचारियों एवं शिक्षकों के हित में एक सकारात्मक और सराहनीय पहल माना जा रहा है। इन निर्णयों से न केवल कर्मचारियों और शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि विश्वविद्यालय के समग्र प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। वित्त समिति के इन निर्णयों से विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी वर्गों में संतोष का माहौल देखा जा रहा है और इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

