केंद्र से भविष्य में उन्नत बीज और नई तकनीकों का होगा प्रसार
आगरा(ब्यूरो)। किसानों के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात के रूप में आगरा के सींगना में अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। भारत सरकार के उपक्रम एनबीसीसी (NBCC – India) लिमिटेड ने इस परियोजना के लिए ₹33.57 करोड़ का ई-टेंडर जारी कर दिया है।

भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फतेहपुर सीकरी से सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि सींगना आगरा में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र का निर्माण कार्य अब जल्द शुरू होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़ी सभी बाधाएं दूर कर दी गई हैं और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 12 माह के भीतर यह केंद्र बनकर तैयार हो जाएगा।
जारी टेंडर के अनुसार इस परियोजना के अंतर्गत मुख्य प्रयोगशाला भवन (G+1), फार्म मैनेजमेंट और कार्यालय भवन (ग्राउंड फ्लोर) के साथ परिसर में विभिन्न बाहरी विकास कार्य किए जाएंगे। निर्माण कार्य में सिविल कार्यों के अलावा दरवाजे-खिड़कियां, फ्लोरिंग, सीलिंग, फिनिशिंग, HVAC सिस्टम, प्लंबिंग, फायर फाइटिंग, CCTV, LAN/IP EPABX, विद्युत कार्य, फायर डिटेक्शन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं शामिल होंगी।
एनबीसीसी के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत ₹33,57,53,427 रखी गई है। टेंडर प्रक्रिया दो चरणों में होगी – तकनीकी और वित्तीय बोली। पात्र ठेकेदार 27 मार्च 2026 तक ऑनलाइन टेंडर जमा कर सकते हैं। तकनीकी बोली उसी दिन सुबह 11:30 बजे खोली जाएगी, जबकि वित्तीय बोली की तिथि बाद में घोषित की जाएगी। टेंडर के लिए ₹33.57 लाख की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) निर्धारित की गई है।
सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि यह केंद्र न केवल आगरा बल्कि आसपास के जिलों – मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस आदि – के किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होगा। केंद्र के बनने से आलू उत्पादन, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकों का विकास होगा। क्षेत्र के किसान उन्नत किस्मों और नई तकनीकों से लाभान्वित होंगे।
सांसद चाहर ने कहा कि यह एशिया का एकमात्र आलू अनुसंधान केंद्र है जो भारत में सींगना आगरा में स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र बनने के बाद आगरा का किसान उन्नत आलू बीज उत्पादन कर देश और विदेश में भेज सकेगा, जिससे क्षेत्र की कृषि और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र के निर्माण से भारत के आलू किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और उनकी आय बढ़ेगी। यह केंद्र किसानों के लिए ज्ञान और तकनीक का एक अत्याधुनिक केंद्र साबित होगा, जो भारतीय कृषि क्षेत्र को और सशक्त बनाएगा।

