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Agra News: जनपद में कुष्ठ रोगी खोजी अभियान शुरू, 23 मार्च तक घर-घर जाएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

Health department team conducting door-to-door leprosy search campaign in AgraHealth department teams started a door-to-door leprosy search campaign in Agra till March 23.
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आगरा: जनपद में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सोमवार से विशेष कुष्ठ रोगी खोजी अभियान का शुभारंभ हुआ। यह अभियान 23 मार्च तक चलेगा, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगी और समुदाय को इसके प्रति जागरूक भी करेंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान के तहत जिले में 4905 टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर दो वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों की जांच करेंगी। यदि किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग की पुष्टि होती है तो उसका मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) के माध्यम से निशुल्क उपचार शुरू किया जाएगा, जिससे वह कुष्ठ मुक्त होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।

जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार लवानिया ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। कुष्ठ रोगियों से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। यह अन्य सामान्य रोगों की तरह ही है, जो मल्टी ड्रग थेरेपी से पूरी तरह ठीक हो सकता है। लेकिन समय पर इलाज न कराया जाए तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगी।

डिप्टी डीएलओ व त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव गोपाल ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो बैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु से होता है। यह साथ उठने-बैठने या खाने से नहीं फैलता है और न ही यह आनुवांशिक या छुआछूत का रोग है।

उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में त्वचा के रंग में बदलाव के साथ सुन्नपन, चमकीली या तैलीय त्वचा, कर्ण पल्लव का मोटा होना या उस पर गांठ, आंखें बंद करने में दिक्कत या पानी आना, भौहों का खत्म होना, हाथों में दर्द रहित घाव या छाले, कमीज या जैकेट के बटन बंद करने में कठिनाई, हाथ या पैर की उंगलियों का मुड़ना अथवा चलते समय पैर घिसटना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग की जांच और उपचार पूरी तरह निशुल्क है। समय से जांच और उपचार कराने से रोग के साथ-साथ दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अभियान के दौरान लोगों को इन लक्षणों की जानकारी देकर समय रहते जांच और उपचार कराने के लिए प्रेरित करेंगी।

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