दिल्ली में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे पदाधिकारी
पुलिस ने देर रात आवास विकास कॉलोनी स्थित घर पहुंचकर रोका बाहर निकलने से
आगरा। यूजीसी बिल के विरोध में दिल्ली में 8 मार्च को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे सवर्ण समाज के पदाधिकारियों को पुलिस ने दिल्ली रवाना होने से पहले ही हाउस अरेस्ट कर दिया। समाज का नेतृत्व कर रहे डॉ. मदन मोहन शर्मा को पुलिस ने उनके आवास विकास कॉलोनी स्थित घर पर ही रोक दिया और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
जानकारी के अनुसार सवर्ण समाज के पदाधिकारी एवं समर्थक बड़ी संख्या में दिल्ली जाकर यूजीसी बिल के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। देर रात इस सूचना पर कई थानों की पुलिस आवास विकास कॉलोनी स्थित डॉ. मदन मोहन शर्मा के आवास पर पहुंच गई और उन्हें घर से बाहर जाने से रोक दिया।
डॉ. मदन मोहन शर्मा ने कहा कि वह समाज के लोगों के साथ दिल्ली में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों की आवाज उठाने जा रहे थे। उनका कहना है कि इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें घर में ही हाउस अरेस्ट कर दिया और बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।
वहीं सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है। आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में समानता और न्याय सुनिश्चित कराना है। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और यूजीसी बिल को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
सवर्ण समाज ने छात्रों, अभिभावकों और समाज के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि वे शिक्षा में समान अधिकार और न्याय की मांग के समर्थन में एकजुट हों।
मुख्य मांगें:
यूजीसी बिल को तुरंत वापस लिया जाए।
शिक्षा व्यवस्था में समानता और न्याय सुनिश्चित किया जाए।
शिक्षा में भेदभाव बंद करो यूजीसी बिल वापस लो।

