आगरा। उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2026 के तीसरे दिन परीक्षा समाप्त होते ही आगरा के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घर लौटने की जल्दबाजी में हजारों परीक्षार्थी ट्रेनों और बसों में सीट पाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आए। इस दौरान कई रेलवे स्टेशनों पर जनरल कोच खचाखच भर गए, जिसके चलते अभ्यर्थी स्लीपर कोचों में भी चढ़ गए। सीट पाने की होड़ में कई जगह परीक्षार्थी एक-दूसरे पर गिरते-पड़ते दिखाई दिए। वहीं, बस अड्डों पर भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिली।

परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने और अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जीआरपी अनुभाग आगरा द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। जीआरपी के अनुसार 10 जून को आगरा मंडल के सभी रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए गए। इन हेल्प डेस्कों पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा अभ्यर्थियों को प्लेटफॉर्म, ट्रेन संचालन, टिकट व्यवस्था और अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया भी बनाए गए थे।
रेलवे स्टेशनों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने लगातार निगरानी रखी। प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया, टिकट घर, प्रतीक्षालय और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस सामान की जांच की गई तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्टेशन परिसरों पर लगातार नजर रखी गई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

हालांकि परीक्षा समाप्त होने के बाद अचानक बढ़ी भीड़ के कारण रेलवे स्टेशनों पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। कई ट्रेनों के जनरल डिब्बों में क्षमता से अधिक यात्री सवार हो गए। जब जनरल कोचों में जगह नहीं बची तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थी स्लीपर कोचों की ओर बढ़ गए। सीट कब्जाने की कोशिश में धक्का-मुक्की और भागदौड़ की स्थिति भी बनी रही। यात्रियों और अभ्यर्थियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
इसी तरह का नजारा शहर के प्रमुख बस अड्डों पर भी देखने को मिला। परीक्षा समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने-अपने गृह जनपदों के लिए बसों का इंतजार करते दिखाई दिए। बसों की सीमित उपलब्धता के कारण कई स्थानों पर लंबी कतारें लग गईं। अभ्यर्थियों को सीट पाने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और कई बसें पूरी तरह भरकर रवाना हुईं।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक बी.पी. अग्रवाल ने दावा किया था कि पुलिस भर्ती परीक्षा को देखते हुए बस अड्डों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, अनाउंसमेंट की व्यवस्था की गई थी तथा पेयजल के लिए वाटर कूलर भी लगाए गए थे, लेकिन ये दावे धरातल पर नहीं दिखे। हालांकि परीक्षा समाप्त होने के बाद उमड़ी भीड़ के बीच इन व्यवस्थाओं का प्रभाव सीमित दिखाई दिया। कई अभ्यर्थियों ने पर्याप्त बसें उपलब्ध न होने के कारण परेशानी का सामना किया।
इसके बावजूद रेलवे और बस स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय रहा। जीआरपी और आरपीएफ की टीमों ने यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेनों में सवार कराने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती परीक्षा के शेष चरणों में भी सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

