आगरा। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभाग और सुपर स्पेशलिटी आईसीयू टीम ने एक गंभीर मरीज के उपचार में बड़ी सफलता हासिल की है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए 23 वर्षीय युवक ने लंबी चिकित्सकीय निगरानी और उपचार के बाद जिंदगी की जंग जीत ली। लगभग एक महीने से अधिक समय तक चले उपचार के बाद मरीज को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज ने एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का परिचय दिया है। गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक युवक के सफल उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज की न्यूरोसर्जरी और आईसीयू टीम की सराहना की जा रही है। करीब एक महीने से अधिक समय तक चली कठिन चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद मरीज को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगला पति, दयालबाग निवासी 23 वर्षीय चंद्रप्रकाश राठौर 4 अप्रैल 2026 को एक भीषण सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों द्वारा उनकी प्रारंभिक जांच और आवश्यक परीक्षण किए गए।
जांच के दौरान एनसीसीटी हेड (NCCT Head) में सामने आया कि मरीज डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी (Diffuse Axonal Injury-DAI) जैसी गंभीर स्थिति से जूझ रहा था। चिकित्सकों के अनुसार यह सिर की बेहद गंभीर चोट मानी जाती है, जिसमें मस्तिष्क के कई हिस्सों में प्रभाव पड़ता है और मरीज की स्थिति बेहद नाजुक हो जाती है। इस दौरान मरीज को लगातार मिर्गी के गंभीर दौरे भी पड़ रहे थे, जिससे स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई थी।
मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे तत्काल सुपर स्पेशलिटी आईसीयू (SS-ICU) में भर्ती कर विशेष निगरानी में रखा। उपचार के दौरान मरीज करीब 25 दिनों तक कोमा की स्थिति में रहा, जबकि उसे लंबे समय तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। चिकित्सकीय टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी और विशेष उपचार जारी रखा।
गंभीर स्थिति के बावजूद चिकित्सकों ने उम्मीद नहीं छोड़ी और मरीज के इलाज में पूरी टीम लगातार जुटी रही। न्यूरोसर्जरी विभाग और आईसीयू टीम द्वारा लगातार किए गए प्रयासों, चिकित्सकीय विशेषज्ञता और समय-समय पर किए गए उपचार के कारण मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार दिखाई देने लगा। लगातार उपचार के बाद मरीज की हालत पहले से बेहतर होने लगी और स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आने शुरू हो गए।
लगभग 35 दिनों की चिकित्सकीय देखरेख और उपचार के बाद मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। इसके बाद उसे आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया। स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने पर चिकित्सकों ने आवश्यक जांच और निगरानी के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी।
इस जटिल मामले का सफल उपचार न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. गौरव धाकरे, डॉ. मयंक अग्रवाल और डॉ. तरुणेश शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं आईसीयू प्रबंधन की जिम्मेदारी आईसीयू हेड डॉ. अतिहर्ष मोहन द्वारा संभाली गई। उनकी देखरेख में चिकित्सकीय टीम ने मरीज की चौबीसों घंटे निगरानी की और उपचार को लगातार आगे बढ़ाया।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि चंद्रप्रकाश का मामला अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। डिफ्यूज एक्सोनल इंजरी और लंबे समय तक कोमा की स्थिति वाले मामलों में मरीज के स्वस्थ होने की संभावना काफी कम मानी जाती है। इसके बावजूद चिकित्सकों की विशेषज्ञता, आधुनिक आईसीयू सुविधाओं और पूरी टीम के समर्पित प्रयासों के कारण एक युवा जीवन को बचाने में सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि एसएन मेडिकल कॉलेज की टीम भावना, आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था और चिकित्सकों की मेहनत का परिणाम है। साथ ही उन्होंने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए मरीज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
