फतेहाबाद। फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार गाय से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार यात्री सुरक्षित बच गए, जबकि घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। रविवार को एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 34.100 पर हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिल्ली से सवारियां लेकर रायबरेली जा रही एक टैक्सी कार के सामने अचानक बेसहारा गाय आ गई। चालक ने वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक कार गाय से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि कार में सवार सभी यात्री सुरक्षित बच गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना बाह क्षेत्र के पूर्वी टोका मई, बटेश्वर निवासी चालक ज्ञान सिंह पुत्र केहरी सिंह कार से दिल्ली से सवारियां लेकर रायबरेली जा रहे थे। कार में दिल्ली के जहांगीरपुरी निवासी सुखराज, बद्रीप्रसाद और संजू सवार थे।

रविवार सुबह करीब 5 बजे जैसे ही कार एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 34.100 पर पहुंची, तभी अचानक एक्सप्रेसवे पर एक गाय आ गई। कार की गति अधिक होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार गाय से जा टकराई। हादसे में कार सवार यात्रियों को हल्की चोटें आईं।
घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा टीम, पीआरवी पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी प्रथम सोबरन सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर कार और गाय की टक्कर की सूचना मिलने पर टीम के साथ मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।
दुर्घटना में घायल हुई गाय को हाईवे से नीचे उतरवाया गया और एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा उसका प्राथमिक उपचार कराया गया। वहीं क्षतिग्रस्त कार को लुहारी पुलिस चौकी भेज दिया गया तथा कार सवार यात्रियों को दूसरे वाहन से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर मेंटेनेंस कार्य करने वाली कंपनी एटलस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। यूपीडा द्वारा एक्सप्रेसवे पर आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए तार फेंसिंग और लोहे की जाली लगाई गई है तथा सुरक्षा के लिए टीमों की भी तैनाती की गई है। इसके बावजूद एक्सप्रेसवे पर छुट्टा पशुओं का पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
यात्रियों का आरोप है कि एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर तार फेंसिंग और लोहे की जाली क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं, जिसके कारण आवारा पशु एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं और यात्रियों के लिए खतरा बन रहे हैं। यात्रियों ने एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

