आगरा: जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट चैंबर में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति, जिला वेटलैंड समिति और जिला गंगा समिति की संयुक्त मासिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में वेटलैंड संरक्षण, वृक्षारोपण, पर्यावरण संवर्धन, वायु प्रदूषण नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा “एक जनपद एक नदी योजना” के अंतर्गत उटंगन नदी के पुनरोद्धार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें और जनपद को हरित एवं स्वच्छ बनाने के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि माह अप्रैल के 30 दिनों में एक्यूआई स्तर 200 से कम रहा। इनमें 7 दिन ‘गुड’ श्रेणी में तथा 23 दिन ‘मॉडरेट’ श्रेणी में दर्ज किए गए। इसके बावजूद संजय पैलेस क्षेत्र में अधिक वायु प्रदूषण एवं रोड डस्ट की समस्या को गंभीरता से उठाया गया।

इस पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देश दिए कि पार्किंग एवं ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हेतु ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जाए, रोड डस्ट के स्रोतों को समाप्त किया जाए तथा रोड प्लांटेशन के रखरखाव को सुनिश्चित किया जाए। साथ ही शहर के सभी प्रमुख मार्गों के लिए इसी प्रकार का एक्शन प्लान बनाकर आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी मुद्दा रखा गया कि ऐसे हैवी मोटर व्हीकल और ट्रक, जिनका गंतव्य आगरा नहीं है, उन्हें नॉर्दन बाईपास से डायवर्ट किया जाए, जिससे शहर में प्रदूषण कम हो और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ दुर्घटनाओं को भी रोका जा सके। इस पर जिलाधिकारी ने पुलिस आयुक्त एवं अन्य संबंधित विभागों से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, वेजिटेबल वेस्ट, फ्लावर वेस्ट, कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट तथा हॉर्टिकल्चर वेस्ट के प्रबंधन को लेकर भी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नगर निगम को निर्देश दिए कि पार्कों में पिट्स बनाकर हॉर्टिकल्चर वेस्ट से कंपोस्ट तैयार करने की कार्ययोजना बनाई जाए।

बैठक में राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ रोग संस्थान एवं धांधुपुरा क्षेत्र से निकलने वाले अपशिष्ट जल के सीधे वन भूमि से होकर यमुना नदी में मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। इसमें बताया गया कि जल निगम द्वारा एसटीपी का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है तथा जालमा संस्थान और जल निगम के बीच एमओयू हो चुका है।
बैठक में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी), नई दिल्ली में विचाराधीन वादों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। गंगा ग्राम समिति के अंतर्गत यमुना नदी पर आरती आयोजन हेतु कैलाश मंदिर, यमुना किनारा एवं बल्केश्वर घाट पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
“एक जनपद एक नदी योजना” के अंतर्गत उटंगन नदी के पुनरोद्धार हेतु चयन किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने अब तक की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि सर्वप्रथम राजस्व नक्शे में दर्ज सीमा के अनुसार नदी का चिन्हांकन किया जाए।
इसके बाद नदी क्षेत्र में हुए सभी अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमणों को हटाने के लिए संबंधित तहसीलों से समन्वय स्थापित किया जाए तथा लैंड रिकॉर्ड के अनुसार नदी क्षेत्र को पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त किया जाए। इसके उपरांत विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। इस कार्य के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) को नोडल अधिकारी नामित किया गया।
वृक्षारोपण महा अभियान 2026 की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद में कुल 53,34,914 वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 19,00,000 पौधे वन विभाग द्वारा लगाए जाएंगे तथा शेष लक्ष्य अन्य विभागों को आवंटित किया गया है।
पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के लिए मियांवाकी पद्धति पर विशेष जोर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने, भूमि चिन्हित करने, समय से गड्ढों की खुदाई सुनिश्चित करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नगर निगम सहित सभी नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं विकास खंड स्तर पर अधिक से अधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वृक्षारोपण महा अभियान में आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष पहल करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिए कि नगर निगम के प्रत्येक जोनल कार्यालय स्तर पर अभियान प्रारंभ होने से 15 दिन पूर्व ही स्वप्रेरणा से पौधरोपण करने वाले नागरिकों को पौधे गोद दिए जाएं तथा उनका विधिवत रजिस्टर में रिकॉर्ड रखा जाए।
जिलाधिकारी ने सभी समितियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनपद को हरित एवं स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नगर आजाद भगत सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी राजेश कुमार, समिति सदस्य केसी जैन, दीपक ढल तथा अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
