आगरा। एसएनएमसी आगरा के एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर एवं पेन मैनेजमेंट विभाग द्वारा ‘तीव्र दर्द प्रबंधन में नवीनतम प्रगति’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा में शनिवार को एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर एवं पेन मैनेजमेंट विभाग द्वारा “तीव्र दर्द प्रबंधन में नवीनतम प्रगति” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य चिकित्सकों और रेजिडेंट डॉक्टरों को दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकों और उपचार विधियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. उमा श्रीवास्तव, डॉ. योगिता द्विवेदी, डॉ. अपूर्व अभिनंदन मित्तल एवं एसआईसी डॉ. बृजेश शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का वातावरण शैक्षणिक और प्रेरणादायक बन गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में दर्द प्रबंधन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विकसित होता हुआ क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि तीव्र दर्द के समय पर और प्रभावी उपचार से मरीजों की रिकवरी तेज होती है और उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार आता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं चिकित्सकों को नई तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों से आए विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। मुख्य वक्ता के रूप में सर गंगाराम अस्पताल के डॉ. प्रदीप जैन, डॉ. आदित्य मेहरोत्रा तथा यथार्थ अस्पताल के डॉ. आशीष कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने तीव्र दर्द प्रबंधन से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, उन्नत चिकित्सा प्रक्रियाओं और अपने क्लिनिकल अनुभवों को विस्तार से समझाया।
विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में दर्द प्रबंधन के नए तरीकों से न केवल रोगी को तत्काल राहत मिलती है, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनती है। उन्होंने केस स्टडी के माध्यम से विभिन्न परिस्थितियों में दर्द प्रबंधन की रणनीतियों को भी साझा किया।
इस अवसर पर एसएनएमसी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अर्पिता सक्सेना, डॉ. राजीव पुरी, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. ब्रजेश शर्मा सहित अनेक डॉक्टर एवं रेजिडेंट चिकित्सक उपस्थित रहे। कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विशेषज्ञों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन चिकित्सा शिक्षा को और अधिक व्यावहारिक एवं आधुनिक बनाने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, जिसमें सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। यह कार्यशाला चिकित्सकीय क्षेत्र में ज्ञान और कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

