आगरा। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त हुए 6 माह से अधिक समय बीत चुका है, उनके परमिट 90 दिनों के लिए निलंबित किए जाएंगे। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित 55वीं संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में यह निर्णय लिया गया। समीक्षा में सामने आया कि मंडल में 94 स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है, जबकि कई निजी स्कूल बसें बिना वैध फिटनेस और परमिट के संचालन में हैं। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 3 वर्ष से अधिक समय से अनफिट वाहनों के परमिट निरस्त करने और अन्य स्कूल प्रबंधकों को कड़े नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

आगरा। आगरा मंडल में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। बड़ी संख्या में ऐसे स्कूल वाहन सामने आए हैं जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनका संचालन जारी है। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त हुए 6 माह से अधिक समय हो चुका है, उनके परमिट तत्काल प्रभाव से 90 दिनों के लिए निलंबित किए जाएं।
यह निर्णय 55वीं संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मंडलायुक्त ने की। बैठक में स्कूल बसों की स्थिति, फिटनेस प्रमाण पत्र, वैध परमिट और बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। प्रशासन ने माना कि बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने वाले वाहनों में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर नौनिहालों की जान से जुड़ा मामला है, इसलिए इसमें किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि आगरा मंडल में ऐसे 94 स्कूल वाहन चिन्हित किए गए हैं जिनकी फिटनेस समाप्त हो चुकी है। कई वाहन स्वामियों और स्कूल प्रबंधकों ने निर्धारित समयावधि में वैध फिटनेस प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया। इसके चलते बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मंडलायुक्त ने कहा कि स्कूल बसें केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हैं। यदि कोई स्कूल प्रबंधन या वाहन स्वामी इस जिम्मेदारी में लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि 6 माह से अधिक समय से फिटनेस समाप्त स्कूल वाहनों के परमिट 90 दिनों के लिए निलंबित किए जाएं।
बैठक में यह भी सामने आया कि आगरा मंडल में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थानों की निजी सेवा यान, विशेष रूप से स्कूल बसें, ऐसी हैं जिनकी फिटनेस और परमिट दोनों ही समाप्त हो चुके हैं, फिर भी उनका संचालन जारी है। प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान ऐसे वाहनों के स्वामियों और स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कई मामलों में अब तक नियमों का पालन नहीं किया गया।

इस पर मंडलायुक्त ने और सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिए कि जिन स्कूल वाहनों की फिटनेस समाप्त हुए 3 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, उनके परमिट सीधे निरस्त किए जाएं। वहीं जिन वाहनों की फिटनेस समाप्त हुए 3 वर्ष से कम समय हुआ है, उनके स्वामियों और स्कूल प्रबंधकों को कड़े नोटिस जारी किए जाएं, ताकि वे तत्काल नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
बैठक में बीते तीन माह के दौरान आगरा मंडल के चारों जिलों—आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और मैनपुरी—में जारी नए परमिट, परमिट नवीनीकरण, वाहन प्रतिस्थापन और परमिट निरस्तीकरण की समीक्षा भी की गई। जनपद आगरा में 627 नए परमिट जारी किए गए, 139 परमिटों का नवीनीकरण हुआ और 390 परमिट निरस्त किए गए। फिरोजाबाद में 511 नए परमिट, 19 नवीनीकरण और 410 परमिट निरस्तीकरण हुए। मथुरा में 589 नए परमिट, 46 नवीनीकरण और 333 परमिट निरस्त किए गए, जबकि मैनपुरी में 376 नए परमिट, 10 नवीनीकरण और 217 परमिट निरस्त किए गए।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन परिवहन अनुभाग-4 की 9 अप्रैल 2026 की अधिसूचना को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें नियम 84 में संशोधन करते हुए यह प्रावधान किया गया कि यदि कोई परमिट धारक अपने वाहन का उपयोग परमिट की वैध अवधि के भीतर किसी अवधि तक नहीं करना चाहता है, तो वह निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा।
संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने आगरा से जारी स्कूल वाहनों के परमिटों का अन्य संभागों में उपयोग तथा समीपवर्ती संभागों से जारी स्कूल वाहनों के परमिटों का आगरा मंडल में उपयोग किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार, आरटीओ प्रवर्तन अखिल द्विवेदी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज बी.पी. अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और स्कूल वाहनों की नियमित निगरानी के लिए अभियान को और तेज करने पर सहमति जताई।

