आगरा: आगरा के सैंया क्षेत्र में मिले अधजले शव के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि अवैध संबंधों के विरोध में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। प्रेमी और उसके साथी ने शराब पिलाकर गला दबाकर हत्या की और शव को जलाने की कोशिश की, लेकिन घटनास्थल से मिले एक कागज के टुकड़े और सीसीटीवी फुटेज ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में ग्वालियर हाईवे स्थित संकल्प मैरिज होम के पीछे खेत में मिले अधजले शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह शव 1 अप्रैल की शाम को मिला था, जिसकी पहचान अगले दिन नई आबादी खेरागढ़ रोड निवासी 39 वर्षीय लोकेंद्र के रूप में हुई। लोकेंद्र मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी करीब 17 वर्ष पहले इरादतनगर निवासी सोमवती से हुई थी और उनके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि लोकेंद्र की पत्नी सोमवती के पास में रहने वाले महेश प्रजापति से अवैध संबंध थे। महेश का घर आना-जाना शुरू हो गया था, जिसका लोकेंद्र विरोध करता था। उसने इस संबंध की जानकारी अपने परिजनों को भी दी थी। इसी बात से नाराज होकर सोमवती ने महेश के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
1 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे लोकेंद्र घर से निकला। इसकी सूचना सोमवती ने महेश को दी। इसके बाद महेश बाइक लेकर लोकेंद्र के पास पहुंचा और उसे अपने साथ बैठा लिया। रास्ते में महेश का साथी धर्मवीर भी मिल गया, जिसे बाइक पर बैठाकर तीनों शराब के ठेके पर पहुंचे। वहां से शराब की बोतल खरीदने के बाद उन्होंने फल और पानी के पाउच लिए और ग्वालियर हाईवे किनारे एक खेत में जाकर बैठ गए।
तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। जब लोकेंद्र नशे में हो गया, तब महेश और धर्मवीर ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। धर्मवीर ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए, जबकि महेश ने गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के इरादे से दोनों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पेट्रोल कम पड़ने पर शराब भी डाली गई, लेकिन शव पूरी तरह से नहीं जल सका। इसके बाद दोनों आरोपी शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस की पांच टीमें लगाई गई थीं। घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को शराब के खाली टेट्रा पैक और कटे हुए फलों का एक कागज मिला। इसी कागज के आधार पर पुलिस ने आसपास के ठेलों और शराब के ठेकों पर पूछताछ की। एक ठेला संचालक ने कागज को पहचान लिया और पुलिस द्वारा दिखाए गए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर महेश और धर्मवीर की पहचान की।
सीसीटीवी कैमरों में भी तीनों आरोपियों की गतिविधियां कैद मिलीं, जिससे पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने महेश की कॉल डिटेल खंगाली, जिसमें उसकी सबसे अधिक बातचीत सोमवती से होना सामने आया। शक गहराने पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान शुरुआत में सोमवती ने कुछ भी बताने से इनकार किया, लेकिन महेश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो गया। पुलिस ने महेश, धर्मवीर और सोमवती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
डीसीपी वेस्ट आदित्य सिंह के अनुसार, यह पूरी वारदात पूर्व नियोजित थी और इसमें पत्नी की भूमिका मुख्य रही। पुलिस ने सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

