• स्ट्राइक वन की 62वीं वर्षगांठ मथुरा में पारंपरिक गरिमा के साथ मनाई गई
• युद्ध वीरता और सैनिक समर्पण को सम्मानित करने का अवसर
• एनसीसी कैडेट्स सहित सभी रैंकों ने लिया भाग, राष्ट्र सेवा का संकल्प
मथुरा: मथुरा कैंट में 01 अप्रैल 2026 को ‘स्ट्राइक वन’ कोर का 62वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, स्ट्राइक वन ने वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। स्थापना दिवस समारोह में सैनिकों के उत्कृष्ट कौशल, आपसी समन्वय, त्याग और राष्ट्रभक्ति को सम्मानित किया गया, साथ ही सभी रैंकों को राष्ट्र सेवा के प्रति पुनः समर्पित होने का आह्वान किया गया।
मथुरा सैन्य स्टेशन में ‘स्ट्राइक वन’ कोर का 62वां स्थापना दिवस 01 अप्रैल 2026 को बड़ी गरिमा और गंभीरता के साथ आयोजित किया गया। यह अवसर सैनिकों के साहस, वीरता और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को याद करने और सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण पल था। कार्यक्रम की शुरुआत लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन ने वॉर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने से हुई।
‘स्ट्राइक वन’ कोर की स्थापना 01 अप्रैल 1965 को वाराणसी में लेफ्टिनेंट जनरल पी. ओ. डन के नेतृत्व में की गई थी। स्थापना के तुरंत बाद इस कोर ने 1965 और 1971 के सैन्य अभियानों में उल्लेखनीय योगदान दिया। 1971 के युद्ध के दौरान इसका प्रमुख अभियान ‘बैटल ऑफ बसंतर’ था, जिसमें 53 शत्रु टैंकों को नष्ट किया गया और शत्रु के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया गया। इन अभियानों में व्यक्तिगत और सामूहिक वीरता के लिए स्ट्राइक वन की इकाइयों को 13 बैटल ऑनर्स, 3 परमवीर चक्र, 16 महावीर चक्र और 46 वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
स्थापना दिवस समारोह में लेफ्टिनेंट जनरल वी. हरिहरन ने सभी सैनिकों और रैंकों से राष्ट्र सेवा के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने सैनिकों से कहा कि वे नियमित प्रशिक्षण बनाए रखें, कठोर मेहनत करें और जरूरत पड़ने पर सदैव तत्पर रहें। उन्होंने सभी रैंकों की व्यावसायिक दक्षता, इकाई भावना, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
इस समारोह में मथुरा के एनसीसी कैडेट्स ने भी भाग लिया और राष्ट्रभक्ति के संदेश को मजबूत किया। इस अवसर ने न केवल स्ट्राइक वन के इतिहास और वीरता को याद दिलाया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति और साहस की भावना को भी प्रोत्साहित किया।
सांस्कृतिक और औपचारिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थापना दिवस समारोह सैनिकों की एकजुटता, पेशेवर कौशल और राष्ट्रीय कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। मथुरा में आयोजित यह आयोजन सेना की परंपरा, अनुशासन और वीरता को आम जनता के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी रहा।
स्ट्राइक वन का स्थापना दिवस न केवल सैनिकों के सम्मान का अवसर है, बल्कि यह जनता और युवा वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है, जो राष्ट्र सेवा, त्याग और साहस की महत्ता को समझ सकें। ऐसे आयोजन सैनिकों और नागरिकों के बीच एक मजबूत संपर्क स्थापित करते हैं और देशभक्ति की भावना को और प्रगाढ़ बनाते हैं।

