• फतेहाबाद में स्कूल चलो अभियान के तहत नए बच्चों का भव्य स्वागत
• बच्चों का तिलक और पुष्प वर्षा के साथ किया गया अभिनंदन
• छात्रों को शिक्षा का महत्व बताया गया और पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं
फतेहाबाद। कंपोजिट विद्यालय गुबरौठ में स्कूल चलो अभियान के तहत नए शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ किया गया। छात्रों का तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। अभियान का उद्देश्य गांव के हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया गया और उन्हें पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं।

कंपोजिट विद्यालय गुबरौठ में बुधवार को स्कूल चलो अभियान के तहत नए शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नए और पुराने छात्रों का शिक्षकों द्वारा तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे गुब्बारों और सजावट से सजाया गया, जिससे बच्चों में उत्साह और खुशी का माहौल बना।

प्रधानाध्यापक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है। प्रथम दिन स्कूल आने वाले बच्चों को शिक्षकों ने शिक्षा के महत्व और नियमित विद्यालय आने के फायदे समझाए।

विद्यालय के शिक्षक प्रीति, रिमझिम, सुरेंद्र कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। बच्चों को विद्यालय के नियम और पढ़ाई की आदतें सिखाई गईं। बच्चों के आत्मविश्वास और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।
स्कूल परिसर में विभिन्न सजावटों के साथ-साथ गुब्बारों और बैनरों की व्यवस्था की गई, जिससे बच्चों और अभिभावकों में उत्साह और सहयोग की भावना बढ़ी। शिक्षकों ने बच्चों को स्कूल आने और पढ़ाई में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
वहीं, कंपोजिट विद्यालय ईधोंन में भी स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में जागरूकता रैली निकाली गई। इस दौरान छात्रों को पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं ताकि सभी बच्चे समान रूप से लाभान्वित हो सकें। बीईओ फतेहाबाद शेष बहादुर सरोज ने अपने संबोधन में अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और शिक्षा के महत्व को समझें।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका मीनाक्षी, मनोज कुमार, राजेश कुशवाह सहित अन्य शिक्षक और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। बच्चों के उत्साह और परिवारों की भागीदारी से यह अभियान सफल और प्रेरणादायक साबित हुआ।
स्कूल चलो अभियान ने यह संदेश दिया कि शिक्षा हर बच्चे का मूल अधिकार है और इसे बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अभियान से बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है और अभिभावक भी इस दिशा में सक्रिय हुए हैं। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गांव के हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ा जा सके और उनका उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित हो।

