संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश अग्रवाल की पहल पर हुआ आयोजन
जीआईसी के प्रधानाचार्य ने संभाली व्यवस्थाएं
आगरा। संयुक्त शिक्षा निदेशक, डॉ. मुकेश चन्द्र अग्रवाल के निर्देशन में 4 अप्रैल शनिवार को शाहगंज स्थित पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज के हॉल में पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा अधिकृत प्रकाशकों की कक्षा 9 से 12 तक की पुस्तकें अत्यंत कम कीमत पर उपलब्ध कराई गईं। शिविर में बड़ी संख्या में अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। करीब 1000 विद्यार्थियों ने पुस्तकें खरीदीं और आयोजन की सराहना करते हुए ऐसे और शिविर आयोजित करने की मांग की।

आयोजन में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मानवेन्द्र सिंह और समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जल्द ही ऐसे शिविर आगरा मंडल के सभी जनपदों और शहर के अन्य स्थानों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर न हों।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जिले में कई अन्य स्थानों पर भी पुस्तक जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थी और अभिभावक इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी स्कूलों को एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए स्कूलों में दो चरणों में अभियान चलाया जाएगा। पहला चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक और दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा कि उन्होंने एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की हैं या नहीं, और अगर कोई विद्यालय निजी या अन्य अनधिकृत प्रकाशकों की किताबें पढ़ा रहा है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विशेष रूप से पुस्तक जागरूकता एवं सुलभता शिविर में कक्षा 9 से 12 तक की किताबें सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई गईं। कक्षा 9 का सेट 399 रुपये में, कक्षा 10 का सेट 440 रुपये में और इंटरमीडिएट का सेट 442 रुपये में उपलब्ध था।
इसके विपरीत निजी स्कूलों की किताबें अत्यधिक महंगी हैं। उदाहरण स्वरूप, कक्षा 2 की किताबें 8540 रुपये में, कक्षा 3 की किताबें 5650 रुपये में, कक्षा 4 की किताबें 6372 रुपये में, कक्षा 5 की किताबें 6828 रुपये में, कक्षा 6 की किताबें 5450 रुपये में, कक्षा 7 की किताबें 8455 रुपये में और कक्षा 8 की किताबें 7478 रुपये में उपलब्ध हैं। अन्य कक्षाओं की किताबें भी इसी प्रकार महंगी हैं।

संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चन्द्र अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सभी विद्यालयों में परिषद द्वारा अधिकृत पुस्तकें ही लागू हों और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों पर थोपे न जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से विद्यार्थी सस्ती दरों पर गुणवत्ता पूर्ण अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के चंगुल से बच सकेंगे।

शिविर के दौरान अभिभावकों और विद्यार्थियों ने आयोजन की सराहना की और इसे अन्य स्कूलों तक फैलाने की मांग की। डॉ. अग्रवाल ने आश्वासन दिया कि आगामी दिनों में पूरे आगरा मण्डल में इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर विद्यार्थी सस्ती और अधिकृत पुस्तकों का लाभ उठा सके।
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तीन विद्यालयों पर निजी किताबें थोपने की शिकायत, डीआईओएस द्वितीय को सौंपी जांच
शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए परिषद द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों पर थोपे जाने की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मुकेश चन्द्र अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्राप्त शिकायतों में आगरा के सेंट पॉल इंटर कॉलेज (पं. मोती लाल नेहरू रोड, कमला नगर सिविल लाइन्स), सेंट विंसेट गर्ल्स कॉलेज और सेंट जोसेफ गर्ल्स कॉलेज के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन विद्यालयों में एनसीईआरटी व परिषद द्वारा अधिकृत पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए छात्र-छात्राओं को बाध्य किया जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अग्रवाल ने जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय (बालिका) को जांच सौंपी है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि प्रकरण की स्थलीय जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और दोषी पाए जाने पर संबंधित संस्था या प्रधानाचार्य के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति करें।जांच रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी।

