फार्मर आईडी कैंप निरीक्षण, किसान पहचान पत्र अनिवार्य व्यवस्था पर जोर
ग्राम पंचायत लकावली में जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, किसानों से संवाद
सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए फॉर्मर आईडी अनिवार्य, 15 अप्रैल तक चलेगा अभियान
आगरा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने ब्लॉक बरौली अहीर की ग्राम पंचायत लकावली में आयोजित फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) कैंप का निरीक्षण किया और किसानों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि 6 से 15 अप्रैल 2026 तक जिले की सभी पंचायतों में कैंप लगाकर फॉर्मर आईडी बनाई जा रही है। बिना किसान पहचान पत्र के कृषि एवं अन्य विभागों की किसी भी लाभार्थी परक योजना का लाभ नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित सभी योजनाओं के लिए फॉर्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।

शुक्रवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने ब्लॉक बरौली अहीर की ग्राम पंचायत लकावली में पहुंचकर फॉर्मर आईडी कैंप का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत की और उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी दी। यह कैंप कृषि एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से भारत सरकार की एग्रीस्टैक योजना के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सभी किसानों का डिजिटल किसान पहचान पत्र तैयार करना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि फॉर्मर आईडी बनाने का कार्य जनपद में सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इसके लिए 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय पर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि भविष्य में किसी भी योजना से वंचित न रह जाएं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्तें केवल उन्हीं किसानों को दी जाएंगी जिनके पास वैध किसान पहचान पत्र होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसी व्यवस्था को लागू करते हुए कृषि विभाग और सहयोगी विभागों जैसे उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई विभाग की सभी लाभार्थी योजनाओं को फॉर्मर आईडी से जोड़ दिया है।
प्रथम चरण में कृषि विभाग द्वारा उर्वरक, बीज, कीटनाशी और अन्य कृषि इनपुट के वितरण तथा लाभार्थी चयन में फॉर्मर आईडी को अनिवार्य किया जाएगा। इसके साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान, दलहन और तिलहन की खरीद के लिए भी किसान पहचान पत्र आवश्यक होगा। क्रय केंद्रों पर किसानों की फॉर्मर आईडी का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा।
द्वितीय चरण में अन्य विभागों की योजनाओं में भी फॉर्मर आईडी को आधार बनाकर लाभ वितरण और चयन की प्रक्रिया लागू की जाएगी। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक सहकारी समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से वितरित होने वाले अनुदानित उर्वरक भी केवल उन्हीं किसानों को दिए जाएंगे जिनकी फॉर्मर आईडी पोर्टल पर सत्यापित होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह व्यवस्था किसानों को पारदर्शी और सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचेगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी पंचायत कैंप या जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर जल्द से जल्द फॉर्मर आईडी बनवाएं।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन आजाद भगत सिंह सहित कृषि, राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं भी सुनीं और पंजीकरण प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों का समाधान मौके पर ही कराया।
यह अभियान जिले में किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में सभी सरकारी योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंच सकेंगी।

