आगरा। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शनिवार को तीर्थधाम बटेश्वर का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा कराए जा रहे बटेश्वर नाथ मंदिर कॉरिडोर कॉम्पलेक्स, निर्माणाधीन यज्ञशाला, प्रवेश द्वार, मल्टीपरपज हॉल, पाथवे, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और रैंप का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटों, मंदिर परिसर और पवित्र कुंडों के सौंदर्यीकरण और पार्किंग सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अवलोकन किया।

डीएम ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और तीर्थस्थल की संपूर्ण व्यवस्था को सुधारने के लिए बनाए जा रहे कॉरिडोर और अन्य संरचनाओं की प्रगति देखी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को साफ-सफाई, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद डीएम ने ब्रह्मलाल मंदिर में मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की। पूजा में पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी, राकेश वाजपेयी, अशोक गोस्वामी, सोनम गोस्वामी और सूरज गोस्वामी ने विधि विधान के अनुसार मंत्रोच्चारण किया। निरीक्षण में अपर जिलाधिकारी नागरिक आपूर्ति अजय नारायण सिंह, उप जिला मजिस्ट्रेट बाह संतोष कुमार शुक्ला और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

बटेश्वर धाम का जीर्णोद्धार और विकास लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं के तहत किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक हब बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। बटेश्वर में चल रहे विभिन्न परियोजनाओं और कॉरिडोर निर्माण कार्यों का कुल बजट 106 करोड़ रुपये से 148 करोड़ रुपये तक है।

मुख्य परियोजनाओं में अटल स्मारक का निर्माण शामिल है, जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनाया जा रहा है। इस स्मारक पर उनकी प्रतिमा और उनके जीवन की यादों को सहेजने के लिए संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। अनुमानित लागत लगभग 22.76 करोड़ रुपये है। इसके अलावा यमुना किनारे के प्रमुख घाटों का पुनरुद्धार और विकास किया जा रहा है। गोपालेश्वर मंदिर से सांस्कृतिक संकुल तक के घाट विकास के लिए अकेले 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास भी किया जा रहा है। इसमें बेहतर सड़क संपर्क, रुकने के स्थान और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। बटेश्वर में शिवालय सर्किट और कॉरिडोर योजना के तहत आगरा के छह मंदिरों को जोड़ने की योजना है, ताकि श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकें। इसके अतिरिक्त साउंड और लाइट शो, लेजर शो और साइनेज बोर्ड भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाए जा रहे हैं।

मंदिरों के संरक्षण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग और पर्यटन विभाग मिलकर 101 प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला का संरक्षण और सौंदर्यीकरण कर रहे हैं, जिनमें से अब 42 मंदिर शेष हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता के मानकों के अनुसार पूरे किए जाएं और समय सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साफ-सफाई, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

बटेश्वर धाम में पूरे कॉरिडोर, यज्ञशाला, मल्टीपरपज हॉल, पाथवे और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण के पूरा होने के बाद यह तीर्थस्थल आगरा का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र बन जाएगा। परियोजना के समापन से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाओं और संरचनाओं का लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर यह विकास परियोजना बटेश्वर धाम को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से नई पहचान दिलाएगी।

