आगरा। विश्व सार्वजनिक परिवहन दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) द्वारा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ एक विशेष और व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के प्रति प्रेरित करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा शहर में बढ़ते यातायात जाम और प्रदूषण की समस्या के समाधान के रूप में मेट्रो सेवाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत खंदारी कैंपस से हुई, जहां विश्वविद्यालय की छात्राओं ने एक जागरूकता रैली निकाली। यह रैली खंदारी कैंपस से आरबीएस मेट्रो स्टेशन तक पैदल मार्च के रूप में पहुंची। इस दौरान छात्राओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर “मेट्रो अपनाओ, प्रदूषण घटाओ”, “सुरक्षित सफर का साधन मेट्रो”, “महिला सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली के दौरान छात्राओं ने महिलाओं के लिए मेट्रो को सबसे सुरक्षित, सुविधाजनक और समय बचाने वाला परिवहन साधन बताया।

आरबीएस मेट्रो स्टेशन पहुंचने पर कार्यक्रम को और भी व्यापक रूप दिया गया। यहां छात्राओं ने महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को रंगोली और पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया। ताजमहल मेट्रो स्टेशन पर बनाई गई आकर्षक और मनमोहक रंगोली विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखने के लिए यात्रियों और आम लोगों की भीड़ जुट गई। रंगोली के माध्यम से “स्वच्छ परिवहन, स्वस्थ जीवन” और “मेट्रो अपनाओ, शहर बचाओ” जैसे संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर छात्राओं ने आगरा मेट्रो की विशेष राइड का भी आनंद लिया। मेट्रो यात्रा के दौरान छात्राओं को आधुनिक मेट्रो सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने मेट्रो की स्वच्छता, समयबद्धता और सुविधाजनक यात्रा व्यवस्था की सराहना की। कई छात्राओं ने कहा कि मेट्रो सेवा आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो भविष्य में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाएगी।

यात्रा के दौरान मेट्रो कर्मियों ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े विशेष इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपीएमआरसी द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और इसके लिए मेट्रो स्टेशनों एवं ट्रेनों में सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। छात्राओं ने इन व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह महिलाओं को सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग न केवल यातायात जाम को कम करता है, बल्कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि अधिक से अधिक लोग मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें तो शहर में कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
डीबीआरएयू की छात्राओं ने इस कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए न केवल अपने संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया, बल्कि स्वयं भी सार्वजनिक परिवहन के महत्व को समझा और उसे अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में मेट्रो जैसे आधुनिक साधन न केवल समय की बचत करते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन और यूपी मेट्रो अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के प्रति प्रेरित किया जा सके।
इस पूरे आयोजन ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि यदि नागरिक जागरूक हों और सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं, तो शहरों को प्रदूषण मुक्त, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है। आगरा मेट्रो इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है, जो शहर के विकास और पर्यावरण संतुलन दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

