• मंडल में मूल्यांकन कार्य तेजी से जारी, सभी विषयों की कॉपियों की जांच समानांतर रूप से हो रही
• मैनपुरी निरीक्षण में लापरवाही पाए जाने पर दो परीक्षकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, डिबार करने की संस्तुति भेजी गई
• अब तक लाखों उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण, आगरा व मंडल स्तर पर कार्य की प्रगति संतोषजनक
आगरा: आगरा मंडल में बोर्ड परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में निरंतर प्रगति दर्ज की जा रही है। अब तक कुल 25 प्रतिशत मूल्यांकन कार्य पूर्ण हो चुका है। मंडल के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर विभिन्न विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य समानांतर रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही अंकेक्षण (ऑडिट) कार्य भी लगातार गतिमान है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

प्रशासनिक स्तर पर मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध एवं व्यवस्थित तरीके से पूर्ण करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी केंद्रों पर निर्धारित मानकों के अनुसार ही मूल्यांकन कार्य संपन्न हो और किसी प्रकार की अनियमितता न होने पाए।
इसी क्रम में रविवार को मैनपुरी स्थित मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर लापरवाही पाई गई, जिस पर सख्त कार्रवाई करते हुए दो परीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके साथ ही उनके विरुद्ध भविष्य में मूल्यांकन कार्य से पूर्ण रूप से डिबार करने की संस्तुति बोर्ड को भेज दी गई है। यह कदम मूल्यांकन प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आगरा जनपद में रविवार को लगभग 60000 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया, जिससे मूल्यांकन कार्य की गति और अधिक सुदृढ़ हुई है। वहीं पूरे आगरा मंडल में आज के दिन लगभग 185000 कॉपियों का मूल्यांकन संपन्न हुआ। अब तक मंडल स्तर पर कुल 485000 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूर्ण हो चुका है, जबकि आगरा जनपद में यह संख्या 132000 तक पहुंच गई है।
मूल्यांकन कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में परीक्षकों की तैनाती की गई है। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी परीक्षक निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें।
अधिकारियों के अनुसार मूल्यांकन केंद्रों पर निगरानी को और अधिक सख्त किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को तुरंत पकड़ा जा सके और उस पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न हो सके।
मंडल प्रशासन का लक्ष्य है कि शेष मूल्यांकन कार्य को भी शीघ्रता से पूर्ण कर लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों के परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें और उन्हें आगे की पढ़ाई एवं करियर से संबंधित योजनाओं में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

