तातपुर बस स्टैंड के पास मकान में घरेलू गैस का अवैध भंडारण और क्रय-विक्रय उजागर
इंडेन, बीपीसीएल और एचपी के कुल 128 सिलेंडर मिले, दो व्यावसायिक सिलेंडर भी बरामद
आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 और एलपीजी आदेश-2000 के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई
आगरा। जगनेर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग और भंडारण के खिलाफ आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तातपुर बस स्टैंड के पास स्थित एक मकान से भारी मात्रा में घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। यह कार्रवाई जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के निर्देश पर की गई, जिसके तहत जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने आपूर्ति विभाग की टीम गठित कर मौके पर छापेमारी कराई।

जानकारी के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि तातपुर बस स्टैंड के पास, केनरा बैंक के निकट स्थित एक मकान में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा है और उनका क्रय-विक्रय भी किया जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अपराह्न करीब 3:30 बजे संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। टीम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सूर्यप्रकाश, नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार, पूर्ति निरीक्षक अमरनाथ मौर्य तथा पूर्ति निरीक्षक सुमल्लिका शामिल रहे।
छापेमारी के दौरान मकान के भीतर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। इसके बाद टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, जिसमें नाम न बताने की शर्त पर स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त मकान अशोक सिंघल पुत्र नामालूम निवासी तातपुर, जगनेर का है। इसके बाद टीम ने मकान के भीतर गहन जांच की, जिसमें बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर पाए गए।
जांच के दौरान कुल 128 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें एचपी कंपनी का 01 खाली सिलेंडर, बीपीसीएल के 03 घरेलू खाली सिलेंडर, इंडेन के 03 घरेलू भरे हुए सिलेंडर तथा इंडेन के 121 घरेलू खाली सिलेंडर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 5 किलोग्राम क्षमता के 02 व्यावसायिक गैस सिलेंडर भरे हुए अवस्था में भी बरामद किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का एक निजी मकान में रखा जाना प्रथम दृष्टया अवैध गतिविधि को दर्शाता है।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मकान स्वामी द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस के गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण किया जा रहा था और उनका क्रय-विक्रय भी किया जा रहा था। यह कृत्य द्रवित पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण का विनियमन) आदेश-2000 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही यह आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
कार्रवाई के दौरान बरामद सभी सिलेंडरों को टीम ने अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित करा दिया है। मामले में आरोपी अशोक सिंघल के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इस छापेमारी के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। स्थानीय लोगों में भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा बनी हुई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जिले में अन्य स्थानों पर भी अवैध गैस रिफिलिंग और भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा, ताकि आम उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा सके।

