आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के ललित कला संस्थान के छात्रों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित “विरासत कला उत्सव” के अंतर्गत सेवा पर्व के अवसर पर 17 सितंबर 2025 से 2 अक्टूबर 2025 तक आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में संस्थान के प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त किए।

प्रोफेशनल वर्ग में ललित कला संस्थान के पूर्व छात्र नरेश ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹1,00,000 का पुरस्कार अपने नाम किया। इसी वर्ग में हिमांशु सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त करते हुए ₹50,000 तथा अरविंद सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर ₹25,000 का पुरस्कार अर्जित किया।

वहीं कॉलेज वर्ग में ललित कला संस्थान के छात्र मयंक प्रताप सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त कर ₹25,000 का पुरस्कार हासिल किया, जबकि राहुल वाल्मीकि ने द्वितीय स्थान प्राप्त करते हुए ₹15,000 का पुरस्कार प्राप्त किया।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. असीम मुखर्जी (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को जोड़ने का सशक्त साधन भी है। इस अवसर पर केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक आदित्य श्रीवास्तव, मुकेश उपाध्याय तथा संस्कार भारती के संगठन मंत्री दीपक शर्मा ने भी विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए।
ललित कला संस्थान के निदेशक संजय चौधरी ने छात्रों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान के विद्यार्थियों की यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास, रचनात्मकता और संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण का परिणाम है। उन्होंने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए अन्य छात्रों को भी कला के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
विश्वविद्यालय की कुलपति आशु रानी ने भी सभी पुरस्कार विजेता छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति के मार्गदर्शन और प्रेरणा से विश्वविद्यालय के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त कर रहे हैं, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
यह उपलब्धि न केवल ललित कला संस्थान बल्कि पूरे विश्वविद्यालय समुदाय के लिए गौरव का विषय है और यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास, सृजनात्मकता और सही मार्गदर्शन से छात्र राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

