आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने की। महिला प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस समारोह में महिला उद्यमियों तथा विश्वविद्यालय की कर्मठ चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही छात्र-छात्राओं की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभागार में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों की प्राचार्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इनमें प्रो. पूनम सिंह, प्रो. वंदना अग्रवाल, प्रो. यशोधरा और प्रो. रेनू वर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहीं। सभी अतिथियों का सम्मान किया गया और उन्होंने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा शिक्षा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए महिलाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत स्वरोजगार से जुड़ी महिला उद्यमियों को भी सम्मानित किया गया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2026) के अवसर पर जनभवन, लखनऊ में सम्मानित अग्रणी महिला उद्यमी राजेश कुमारी और हेमलता को कुलपति द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। राजेश कुमारी धूपबत्ती निर्माण से जुड़ी हैं, जबकि हेमलता बांके बिहारी जी की पोशाक का निर्माण करती हैं। इसके अतिरिक्त चूड़ी उद्योग से जुड़ी महिला उद्यमी अखिलेश को भी सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में कुलपति प्रो. आशु रानी ने सभी अतिथियों, सम्मानित महिलाओं तथा प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं को अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय स्वतंत्रता और प्रतिभा के विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिला उद्यमियों में अपार क्षमता है, जिन्हें सही दिशा और अवसर मिलना आवश्यक है।

उन्होंने महिलाओं से भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने तथा किसी भी अनुचित घटना के विरुद्ध खुलकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।

महिला प्रकोष्ठ की ओर से डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि कुलपति के मार्गदर्शन में 8 से 11 मार्च तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर चार दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और विश्वविद्यालय में उनके योगदान को प्रोत्साहित करना था। इस दौरान डाइट काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सत्र आयोजित किए गए।
विश्वविद्यालय के दो परिसरों में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर में बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा सामुदायिक रेडियो ‘आगरा की आवाज’ के प्रयास और स्वास्थ्य विभाग आगरा के सहयोग से 50 बालिकाओं को कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन की पहली डोज भी लगाई गई।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों को उनके समर्पण और परिश्रम के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित महिला कर्मचारियों में शमीम बानो, बेबी देवी, पूनम, डिंपल, विजय लक्ष्मी, निशा, पूनम, कुमकुम, लक्ष्मी सिंह, सोनिया, सुधा, ललिता, गुंजन देवी, पुष्पा, लक्ष्मी कुमारी, रेनू, अनीता, अलवीना लाल, लक्ष्मी गौतम, पूनम, अनीता, मीना और रेखा शामिल रहीं। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. प्रीति यादव और डॉ. नेहा सक्सेना ने किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। छात्रा रिया यादव ने सोलो डांस प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं, जबकि अक्षिता ने गायन की प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। नियति और उनके समूह द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
महिला प्रकोष्ठ की टीम ने इस चार दिवसीय कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में डॉ. नीलम यादव, डॉ. प्रीति सिंह, पूजा सक्सेना, डॉ. मोनिका अस्थाना, डॉ. रत्ना पांडेय, नीलम शर्मा, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. नेहा सक्सेना, डॉ. प्रीति यादव और डॉ. श्वेता चौधरी सक्रिय रूप से शामिल रहीं। कार्यक्रम के आयोजन में प्रो. अचला गक्खर और प्रो. रजनीश अग्निहोत्री सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता करते हुए कार्यक्रम का आनंद लिया और सम्मानित महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

