900 विद्यालयों में खेल आधारित गतिविधियों से बच्चों को जोड़ा गया, अभिभावकों को किया गया जागरूक बाल वाटिका में नामांकन बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश में नवआरंभ उत्सव का आयोजन प्रत्येक विद्यालय को 3000 रुपये की धनराशि कराई गई मुहैया, समन्वय से चलाया जा रहा अभियान
आगरा। परिषदीय विद्यालयों में आज नवआरंभ उत्सव और बाल वाटिका कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का तिलक लगाकर एवं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। विभिन्न विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को खेल-आधारित शिक्षा से जोड़ा गया और अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। जिले के विद्यालयों में बच्चों और अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड ने बताया कि जिले के लगभग 900 विद्यालयों में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने, खेल आधारित शिक्षण को प्रोत्साहित करने तथा अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि रेत पर लेखन, खिलौनों के माध्यम से शिक्षण, रंगीन गतिविधियां और लर्निंग कॉर्नर जैसी विभिन्न शिक्षण विधियों के जरिए बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया गया। प्रत्येक विद्यालय को आयोजन के लिए लगभग 3000 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई, जिससे आवश्यक सामग्री और गतिविधियों का संचालन किया गया।

विकास खंड अकोला के प्राथमिक विद्यालय नगला रेवती में बच्चों का तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका अनीता चाहर ने बाल वाटिका की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी तरह सैफुद्दीनपुर, झारौठी, सुखभानपुरा पिनाहट, अरदाया, नगला अर्ररूआ और तेहरा द्वितीय विद्यालयों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां अभिभावकों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

प्राथमिक विद्यालय सैफुद्दीनपुर में शिक्षिका अर्चना वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों को उपहार दिए गए और विभिन्न खेल आधारित गतिविधियां कराई गईं, जिनमें चम्मच व कुर्सी जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। बच्चों को भोजन भी कराया गया तथा बाल वाटिका में नियमित आने वाले बच्चों की माताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी फ्रेम और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। इस आयोजन में ग्राम प्रधान सुनीता देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कविता सहित अन्य स्थानीय लोगों का सहयोग रहा।

इसी क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा बुधवार को राज्यभर के को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में नवआरंभ उत्सव एक साथ आयोजित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का बालवाटिका में नामांकन बढ़ाना और अभिभावकों को प्रारंभिक शिक्षा के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को बालवाटिका की गतिविधियों, लर्निंग कॉर्नर, स्टेशनरी, खेल सामग्री और बच्चों की बैठने की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिससे अभिभावकों को विद्यालय के शैक्षिक वातावरण की झलक मिली।

यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक प्रारंभिक शिक्षा का लाभ सभी बच्चों तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नवआरंभ उत्सव के दौरान कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ की गई। इसके बाद बालवाटिका की अवधारणा, प्रारंभिक शिक्षा का महत्व, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पात्र बच्चों की सूची का वितरण और बालवाटिका के संचालन का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिनमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहे।

कार्यक्रम की निगरानी जिला एवं राज्य स्तर पर की गई, जबकि संबंधित सूचनाएं प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से साझा की गईं। इस अभियान के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग 1592.22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को लगभग 3000 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस धनराशि से कार्यक्रम के आयोजन, बच्चों की गतिविधियों, बैनर-पोस्टर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। सरकार का मानना है कि मजबूत प्रारंभिक शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है, और इसी उद्देश्य से यह अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया गया।


