- घर-घर पहुंची टीम ने मौके पर दूर की तकनीकी और दस्तावेजी बाधाएं
- पात्र परिवारों की पहचान कर योजना से जोड़ने की तेज हुई प्रक्रिया
- ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता, स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
आगरा। बरौली अहीर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कुंडोल में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से विशेष घर-घर सर्वे अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उन पात्र परिवारों और सदस्यों की पहचान करना था, जो अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं या जिनके आयुष्मान कार्ड बनने में किसी प्रकार की तकनीकी अथवा दस्तावेजी समस्या आ रही थी।

गांव में संचालित इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग और पंचायत से जुड़े अधिकारियों की टीम ने व्यवस्थित रूप से प्रत्येक घर तक पहुंच बनाते हुए भौतिक सत्यापन किया। नोडल अधिकारी डॉ. ऋषि गोपाल, ग्राम विकास अधिकारी गामा सिंह और आयुष्मान टीम के अन्य सदस्यों ने घर-घर जाकर न केवल पात्रता की जांच की, बल्कि परिवारों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को समझा। कई स्थानों पर यह सामने आया कि जानकारी के अभाव, आधार लिंकिंग में त्रुटि, या दस्तावेजों की कमी के कारण कार्ड नहीं बन पा रहे थे। टीम ने ऐसे मामलों को चिन्हित कर तत्काल सुधार की प्रक्रिया शुरू कराई।

अभियान के दौरान ग्रामीणों को योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं। लोगों को बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत प्रति परिवार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार देश के सूचीबद्ध अस्पतालों में उपलब्ध है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना का लाभ लेने के लिए आयुष्मान कार्ड का होना अनिवार्य है, जिसे सही दस्तावेजों के आधार पर आसानी से बनवाया जा सकता है। टीम ने ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

सर्वे के दौरान विशेष रूप से उन परिवारों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनके नाम सूची में होने के बावजूद कार्ड नहीं बने थे या जिनके परिवार के कुछ सदस्य छूट गए थे। मौके पर ही सुधारात्मक कार्यवाही करते हुए टीम ने डेटा अपडेट कराने, आधार सत्यापन कराने और आवश्यक कागजी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद की। इससे लोगों में विश्वास बढ़ा और उन्होंने सक्रिय रूप से सहयोग किया।

ग्राम पंचायत स्तर पर इस तरह का व्यापक सर्वे अभियान स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल पात्र लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति सामने आती है, बल्कि योजनाओं की पहुंच को भी मजबूत किया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ने से आने वाले समय में अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
अभियान के अंत में टीम ने यह भी अपील की कि यदि कोई पात्र व्यक्ति अभी भी योजना से वंचित है, तो वह संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपना नाम जुड़वाए और आयुष्मान कार्ड बनवाए। इस पहल से कुंडोल ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर सकारात्मक माहौल बना है और उम्मीद की जा रही है कि निकट भविष्य में शत-प्रतिशत पात्र परिवार योजना के दायरे में आ जाएंगे।
