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Agra News : जल शक्ति मंत्री से उटंगन नदी का स्थलीय निरीक्षण करने की अपील – आगरा में जलसंकट समाधान की मांग

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आगरा : आगरा जनपद में पानी की गंभीर समस्या के बीच भाजपा नेता और पूर्व विधायक केशो मेहरा ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से आग्रह किया है कि वे यथाशीघ्र आगरा आकर उटंगन नदी केन्द्रित जलसंचय और जलप्रबंधन का स्थलीय निरीक्षण करें।


Jal Shakti Minister urged to inspect Utangan River in Agra for water management

 केशे मेहरा का कहना है कि भूमिगत जल खारा होने और जलस्तर लगातार घटने से जनपद की स्थिति गंभीर हो चुकी है। उटंगन नदी का समुचित प्रबंधन कर फतेहपुर सीकरी, जगनेर, खेरागढ़, शमशाबाद, पिनाहट, फतेहाबाद और बरौली अहीर विकास खंडों के हैंडपंपों को पुनः सुचारू किया जा सकता है। साथ ही प्रधानमंत्री की घर-घर नल का पानी योजना को भी प्रभावी बनाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान द्वारा अवैध रूप से पानी रोके जाने के बावजूद उटंगन नदी बड़ा स्थानीय जल ग्राही क्षेत्र है। इसमें किबाड नदी (जगनेर), खारी नदी (फतेहपुर सीकरी), डव्लू डी ड्रेन (किरावली), पार्वती नदी (राजाखेड़ा-राजस्थान) जैसी मानसून कालीन नदियां महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

केशो मेहरा ने कहा कि कई हजार हेक्टेयर जल डूब क्षेत्र को सीमित करने वाली जगनेर की बंधियों का पानी मानसून थमने के बाद (लगभग 15 अक्टूबर के आसपास) उटंगन नदी में पहुंचता है। उन्होंने यह भी बताया कि यमुना नदी के जवाहर पुल, आगरा के सेंट्रल वाटर कमीशन के गेज स्केल पर जलस्तर खतरे के निशान (150.876 मीटर / 495 फीट) पार करने पर, नदी रेहावली गांव (फतेहाबाद विकासखंड) में उटंगन नदी में बैक मारने लगती है। 497 फीट पार करते ही यमुना का पानी आगरा-बाह स्टेट हाईवे ब्रिज तक और अरनौटा रेलवे पुल तक पहुँचता है। यह स्थिति जुलाई के दूसरे सप्ताह से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक रहती है।

Handpump restoration and groundwater improvement via Utangan River in Agra

मेहरा ने बताया कि मानसून थमने के बाद यह विपुल जलराशि वापस यमुना नदी में चली जाती है, जबकि इसे संरक्षित कर व्यवस्थित उपयोग में लाने से जनपद की भूजल स्थिति में सुधार किया जा सकता है। साथ ही पवित्र धाम बटेश्वर को नहान पर्वों पर ताजा पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

केशो मेहरा ने कहा कि वे राजनीतिज्ञ होने के साथ इंजीनियर भी हैं। उनका मानना है कि सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा द्वारा जिला पंचायत के माध्यम से रेहावली गांव में बांध बनाना सबसे उपयुक्त उपाय है। उनके अनुसार जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया भी इस योजना को आगरा की जरूरत के अनुकूल मानती हैं।

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