आगरा। प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कार्यों में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयसीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। खराब निर्माण पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सभी विद्यालयों में सुरक्षित और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

जनपद के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अंतर्गत संचालित वृहद निर्माण कार्यों एवं बाउंड्रीवाल निर्माण की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष बंसल ने की। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों के अनुरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण का निर्माण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों, गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग या कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों वित्तीय वर्षों में सात राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में वृहद निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिलाधिकारी ने इन सभी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता और शेष कार्यों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
समीक्षा के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज शाहगंज, वीरांगना अवंतीबाई राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कलाल खेड़िया, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज आवलखेड़ा तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहगंज में स्वीकृत निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने इन विद्यालयों में दीवारों, छतों और फर्श की मरम्मत, खिड़की एवं दरवाजों के सुधार, रंगाई-पुताई, शौचालयों के रखरखाव, पेयजल व्यवस्था, मुख्य प्रवेश द्वार तथा दिव्यांगजन सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में जनपद के सभी 29 राजकीय इंटर कॉलेजों में निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्ष, मल्टीपरपज हॉल तथा पुस्तकालय कक्षों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। संबंधित प्रधानाचार्यों से प्रत्येक निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता तथा संभावित पूर्णता अवधि के संबंध में जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने कहा कि अतिरिक्त कक्षों और पुस्तकालयों का निर्माण समय पर पूरा होने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
समीक्षा के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज रायभा तथा राजकीय इंटर कॉलेज जऊपुरा के मल्टीपरपज हॉल में जलभराव, फर्श उखड़ने तथा अन्य निर्माण संबंधी कमियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को दोनों विद्यालयों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। यदि किसी भी परियोजना में निर्माण मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री का उपयोग या तकनीकी खामियां पाई जाती हैं तो संबंधित कार्यदायी संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य केवल औपचारिकता नहीं हैं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़े हुए हैं। इसलिए प्रत्येक परियोजना का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर उसका तत्काल समाधान कराया जाए। यदि किसी परियोजना में तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से विलंब हो रहा है तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि स्वीकृत परियोजनाएं लंबित न रहें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का समय-समय पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।
बैठक में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर भवन, सुरक्षित कक्षाएं, स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, मजबूत बाउंड्रीवाल, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं और सुव्यवस्थित परिसर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसा शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है जहां विद्यार्थी सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के तहत चल रहे सभी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखी जाए और गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करते हुए समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य पूरा करना होगा। किसी भी प्रकार की ढिलाई पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र पाल तथा शिक्षा विभाग और संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की तथा जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने दोहराया कि विद्यालयों में सुरक्षित, सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके और सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।

