फतेहाबाद। फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर तेज रफ्तार थार की टक्कर से युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया, थार में तोड़फोड़ हुई और पुलिस पर पथराव कर दिया गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। पांच थानों का फोर्स बुलाया गया और मंत्री संजय निषाद के आश्वासन के बाद मामला शांत हो सका।

तीन घंटे जाम, पुलिस पर पथराव, तीन हिरासत में
फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे थार और ट्रैक्टर की टक्कर में बाइक सवार युवक की मौत के बाद फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर जमकर बवाल हो गया। शव उठाने पहुंची पुलिस का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए सड़क जाम कर दी और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। डीसीपी पूर्वी और एडिशनल सीपी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए तीन लोगों को हिरासत में लिया, जबकि पथराव में एक दर्जन पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है।घटनास्थल पर मंत्री संजय निषाद भी पहुंच गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मनीष पुत्र सामलिया, निवासी खासपुर बहादुरपुर, दयालबाग (आगरा) अपनी बाइक से अपनी ससुराल गढ़ी तिवारी, थाना बसई मोहम्मदपुर (जनपद फिरोजाबाद) से फतेहाबाद लौट रहे थे। इसी दौरान फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर पूठपुरा गांव के पास सामने से आ रही एक थार और पीछे से आ रहे ट्रैक्टर के बीच टक्कर हो गई। टक्कर के बाद अनियंत्रित हुई थार मनीष की बाइक से जा भिड़ी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मनीष की शादी चार महीने पहले आरती के साथ हुई थी। वह अपनी ससुराल गढ़ी तिवारी, फिरोजाबाद से वापस घर लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि गांव में भी ग्रामीण शोक में डूब गए।

हादसे में एक स्कूटी पर सवार सुभाष पुत्र जवाहर सिंह निवासी पूठपुरा, विवेक पुत्र राजकुमार निवासी नगला डरूआ (फिरोजाबाद) और कालू पुत्र छोटेलाल निवासी बरना (फतेहाबाद) भी घायल हो गए। वहीं ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। बताया गया कि ट्रैक्टर पर सवार लोग मौके से कूदकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। सूचना पर फतेहाबाद पुलिस भी पहुंची और शव को एंबुलेंस के जरिए पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने शव एंबुलेंस से उतारकर सड़क पर रख दिया और फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डौकी, बमरौली कटारा, बसई अरेला सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना था कि हादसे में शामिल थार वाहन को घटनास्थल पर लाया जाए तथा कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इसी दौरान प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद का काफिला उसी मार्ग से गुजर रहा था, जो जाम में फंस गया। मंत्री संजय निषाद वाहन से उतरकर स्वयं प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की। ग्रामीणों ने उनके सामने अपनी मांगें रखीं। मंत्री ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात की और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि तहरीर के आधार पर निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, आश्वासन के बावजूद ग्रामीण जाम हटाने के लिए तैयार नहीं हुए।

कुछ देर बाद पुलिस ने एक बार फिर लोगों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मियों को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाकर उन पर पत्थर फेंके गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस दौरान करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से पुलिसकर्मियों के घायल होने की पुष्टि नहीं की है।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस ने मौके से शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और उपद्रव के आरोप में तीन लोगों को हिरासत में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल तथा एडिशनल सीपी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यातायात को सामान्य कराने के प्रयास शुरू किए।

डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि थार और ट्रैक्टर की टक्कर के दौरान एक बाइक सवार युवक की मौत हुई थी। इसके बाद लोगों ने सड़क जाम कर दी थी। पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा पथराव में किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद थार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक मनीष दम तोड़ चुके थे। हादसे में घायल सुभाष निवासी पूठपुरा, विवेक निवासी डरुआ नगला और कालू निवासी बरना को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे तक सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दोषी चालक की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने हादसे में शामिल थार गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी। हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
ग्रामीणों और पुलिस के बीच कहासुनी के बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि आक्रोशित लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में थाना मोबाइल वाहन का पिछला शीशा टूट गया। हंगामे के दौरान एक दरोगा की वर्दी भी फाड़ दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात इतने बिगड़ गए कि उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ा लिया। जान बचाने के लिए पुलिसकर्मियों को पीछे हटना पड़ा। इस दौरान थाना मोबाइल वाहन को भी नुकसान पहुंचा।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पांच थानों का फोर्स मौके पर बुलाया गया। एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया और कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बावजूद काफी देर तक ग्रामीण सड़क पर डटे रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
इसी दौरान कार्यक्रम में जा रहे मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की। मंत्री ने निष्पक्ष जांच कराने और दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री के आश्वासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और यातायात दोबारा शुरू कराया गया।

