आगरा। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में जीआरपी आगरा कैंट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के नौ मामलों में बरामद करीब 72 किलोग्राम अवैध गांजे का विनिष्टीकरण कराया। यह कार्रवाई ऑपरेशन दहन के तहत न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की गई।
रेलवे परिसरों और ट्रेनों के माध्यम से होने वाली मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जीआरपी लगातार अभियान चला रही है। इसी क्रम में ऑपरेशन दहन के तहत जीआरपी थाना आगरा कैंट ने एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न मामलों में बरामद किए गए करीब 72 किलोग्राम अवैध गांजे का विनिष्टीकरण कराया। कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे के निर्देशों तथा पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।
पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी रेलवे आगरा के निकट पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों से संबंधित मामलों में न्यायालय से आदेश प्राप्त होने के बाद जब्त माल का विधिसम्मत निस्तारण सुनिश्चित करना है। इसी के तहत आगरा कैंट जीआरपी थाने पर दर्ज नौ अभियोगों से संबंधित गांजे को नष्ट कराया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार माननीय न्यायालय से माल विनिष्टीकरण संबंधी आदेश प्राप्त होने के बाद गठित समिति की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। विनिष्टीकरण की कार्रवाई जे.आर.आर. वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, बुढ़िया का ताल, एत्मादपुर स्थित इकाई में कराई गई, जहां निर्धारित मानकों और नियमों के तहत मादक पदार्थ को नष्ट किया गया।
नष्ट किए गए माल में वर्ष 2016 से वर्ष 2021 के बीच दर्ज नौ अलग-अलग मामलों का गांजा शामिल था। इन मामलों में 4 किलोग्राम से लेकर 14.5 किलोग्राम तक की मात्रा में गांजा बरामद किया गया था। कुल मिलाकर लगभग 72 किलोग्राम अवैध गांजा विनिष्टीकरण प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया।
जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी रोकना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नियमित चेकिंग, निगरानी और विशेष अभियानों के माध्यम से तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बरामद मादक पदार्थों का समयबद्ध विनिष्टीकरण भी इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे जब्त माल का सुरक्षित और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।
विनिष्टीकरण की कार्रवाई के दौरान पुलिस उपाधीक्षक आगरा राजेश दीक्षित, पुलिस उपाधीक्षक इटावा उदय प्रताप सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मोहित कुमार तथा मुख्य आरक्षी जयवीर सिंह उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हुए न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई को संपन्न कराया।
रेलवे पुलिस का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से न केवल मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, बल्कि यात्रियों के बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत होगी। ऑपरेशन दहन के तहत आगे भी ऐसे मामलों में जब्त किए गए मादक पदार्थों का नियमानुसार निस्तारण किया जाता रहेगा।

