फतेहाबाद। मानसून सीजन को देखते हुए उटंगन नदी क्षेत्र में संभावित बाढ़ और जलभराव जैसी आपदाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को फतेहाबाद क्षेत्र के ग्राम गुर्जा रामजस अरनौटा स्थित उटंगन नदी किनारे मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं को परखा गया। इस दौरान नदी के तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर आयोजित इस मॉक ड्रिल में अग्निशमन विभाग की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन का जीवंत प्रदर्शन किया। अग्निशमन द्वितीय अधिकारी विनय कुमार और अभिषेक यादव के नेतृत्व में टीम ने नदी में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का अभ्यास किया। मॉक ड्रिल के दौरान विभाग की तैयारियों, उपकरणों की कार्यक्षमता और टीम के आपसी समन्वय को भी परखा गया।

अभ्यास के दौरान हाईटेक रेस्क्यू उपकरणों का उपयोग किया गया। टीम ने यह दिखाया कि बाढ़ या तेज जलप्रवाह के दौरान किस प्रकार कम समय में लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है। अधिकारियों ने वायरलेस संचार व्यवस्था और त्वरित संदेश विनिमय प्रणाली का भी परीक्षण किया, ताकि आपदा के समय सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके।

मॉक ड्रिल के दौरान नदी किनारे मौजूद ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया। अग्निशमन अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि बारिश और जलभराव के दौरान नदी-नालों के पास जाने से बचें। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि कई बार लोग लापरवाही में तेज बहाव वाले क्षेत्रों में चले जाते हैं, जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है।

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान जिले के संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। विभाग की टीमें लगातार अलर्ट मोड पर हैं और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं। मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल विभागीय तैयारियों को परखना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों को भी सतर्क और जागरूक करना है।
अभ्यास के दौरान रेस्क्यू टीम ने नदी के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने, उन्हें लाइफ सेविंग उपकरणों की मदद से बाहर निकालने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। टीम ने कम समय में राहत और बचाव कार्य को पूरा करने का अभ्यास किया, जिससे आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने में मददगार साबित होती हैं। इससे विभागीय कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और किसी भी आपात स्थिति में बेहतर समन्वय के साथ काम किया जा सकता है। विभाग का मुख्य उद्देश्य संभावित बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान जनहानि को शून्य रखना है।
मॉक ड्रिल के दौरान ग्रामीणों ने भी विभाग की तैयारियों को करीब से देखा। अधिकारियों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन और अग्निशमन विभाग लगातार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है।
