आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के ललित कला संस्थान की आर्ट गैलरी में 20 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला के दौरान तैयार की गई 70 से अधिक उत्कृष्ट कलाकृतियों की भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया है, जिनमें उनकी कल्पनाशीलता, तकनीकी दक्षता और कलात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के ललित कला संस्थान एवं राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन ललित कला संस्थान की आर्ट गैलरी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ कलाकार डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उद्घाटन अवसर पर फीता काटकर तथा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर संस्कार भारती ब्रज प्रांत के महामंत्री नंद नंदन गर्ग, आगरा महानगर के ओम स्वरूप गर्ग, राज्य ललित कला अकादमी की सदस्या डॉ. आभा सिंह तथा विश्वविद्यालय के संस्कृति भवन पुस्तकालय प्रभारी डॉ. सुनील उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियों का अवलोकन किया और कलाकारों के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम को डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशुरानी तथा ललित कला संस्थान के निदेशक प्रो. संजय चौधरी का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रस्तुत कलाकृतियों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सृजनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यशाला एवं प्रदर्शनी के संयोजक तथा ललित कला संस्थान के उप निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि 20 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में छोटे बच्चों से लेकर स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों और गृहिणियों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों द्वारा तैयार की गई 70 से अधिक कलाकृतियां उनकी रचनात्मक क्षमता और कलात्मक सोच का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को कला की विभिन्न विधाओं से परिचित कराना और उनकी सृजनात्मक क्षमता को विकसित करना था।
कार्यशाला में प्रशिक्षक मयंक प्रताप सिंह, हिमांशु तथा निवेदिता सिंह ने प्रतिभागियों को चित्रकला की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया। इन प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार की कला शैलियों को समझा और अपनी प्रतिभा को निखारा।
प्रदर्शनी में ज्योति माहेश्वरी, कामिनी तोमर और नीतू वर्मा की कलाकृतियों को विशेष सराहना प्राप्त हुई। वहीं अभिषेक, राहुल, सौरभ, सृष्टि और कंचन सहित अन्य प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए पोर्ट्रेट्स भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। विशेष रूप से ललित कला संस्थान के छात्र सौरभ द्वारा तैयार किए गए पोर्ट्रेट्स में आधुनिक तकनीक और एआई आधारित कलात्मक संवर्धन का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके अतिरिक्त शिव मंगल, रिद्धिमा सिंह, ममता सिंह, निशि, अरुण, दीक्षा, शिल्पी जैन, ऋषिका जैन, मोहिनी, तनिष्का, देवेश थापर, सैयद मोहसिन आजम, इरा, जानवी, खुशी, विधान सहित अनेक प्रतिभागियों की कलाकृतियों ने भी प्रदर्शनी में अपनी विशेष पहचान बनाई। प्रदर्शनी को देखने के लिए शहर के अनेक कला प्रेमी, बुद्धिजीवी, अभिभावक और विद्यार्थी पहुंचे और कलाकारों की रचनात्मकता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
प्रदर्शनी के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षक दीपक कुलश्रेष्ठ, डॉ. शार्दूल मिश्रा, देवेंद्र कुमार सिंह तथा डॉ. ममता बंसल सहित अनेक शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र तथा अध्यक्ष सुनील कुमार विश्वकर्मा ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की।
यह प्रदर्शनी 15 जून तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक ललित कला संस्थान की आर्ट गैलरी में कला प्रेमियों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी को देखकर यह स्पष्ट होता है कि कला केवल चित्र नहीं बनाती, बल्कि व्यक्तित्व का निर्माण करती है और समाज में सौंदर्य, संवेदना तथा सकारात्मक सोच का संदेश प्रसारित करती है।
