आगरा। आगरा के खेरागढ़ तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में मनीष बंसल ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। भूमि पैमाइश मामले में लापरवाही और गलत रिपोर्ट लगाए जाने पर कागारौल के कानूनगो राकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया, जबकि एक अन्य कानूनगो के खिलाफ जांच समिति गठित की गई। समाधान दिवस में कुल 162 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से आठ का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।

खेरागढ़ तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीष बंसल ने की। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारी शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करें।

संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद, चकमार्ग, अवैध कब्जा, पैमाइश, पेंशन, राशन, नाली निर्माण और विद्युत समस्याओं से जुड़ी सामने आईं। मनीष बंसल ने राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद से संबंधित मामलों में संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच की जाए और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान एक मामला प्रशासनिक कार्रवाई का केंद्र बना, जिसमें धारा-24 के अंतर्गत होने वाली भूमि पैमाइश को लंबे समय से लंबित रखा गया था। मामले में शिकायत को निस्तारित दिखाने के लिए गलत रिपोर्ट भी लगा दी गई थी, जबकि वास्तविक स्थिति में पैमाइश नक्शे के अनुसार नहीं कराई गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मनीष बंसल ने कागारौल के कानूनगो राकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही खेरागढ़ के कानूनगो चुन्नीलाल के खिलाफ जांच समिति गठित करते हुए विस्तृत जांच कराने के आदेश जारी किए गए।
मनीष बंसल ने अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस में बार-बार पहुंचने वाली शिकायतें यह दर्शाती हैं कि निस्तारण प्रक्रिया में कहीं न कहीं कमी रह जा रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में शिकायतकर्ता प्रशासनिक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं, इसलिए सिर्फ कागजी कार्रवाई पूरी करने के बजाय वास्तविक समाधान पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनकी समस्या को समझा जाए और समाधान के बाद उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय निरीक्षण आवश्यक रूप से किया जाए और निस्तारण रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग भी हो सकेगी। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और जून माह के अंत तक अधिकतम पेंडेंसी कम करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान लेखपालों और बीट कॉन्स्टेबलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। मनीष बंसल ने थाना प्रभारियों, एसडीएम और एसीपी को निर्देशित किया कि संयुक्त बैठकें आयोजित कर राजस्व और पुलिस विभाग के बीच तालमेल मजबूत किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संबंधित कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर ग्राम पंचायत भवनों तथा सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किए जाएं ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर तुरंत सहायता मिल सके।
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 162 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से आठ का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। प्राप्त शिकायतों में 62 राजस्व विभाग, 40 पुलिस विभाग, 26 विकास विभाग, 10 विद्युत विभाग तथा अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। अधिकांश शिकायतें अवैध कब्जा, भूमि विवाद, चकरोड निर्माण, नाली निर्माण, पेंशन, राशन और विद्युत आपूर्ति से संबंधित रहीं।
जनसुनवाई के दौरान मनीष बंसल ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं बल्कि लोगों को वास्तविक राहत प्रदान करना होना चाहिए। शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए ताकि जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत हो।
उन्होंने राजस्व विभाग की टीमों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद और पैमाइश से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। कई गांवों में लंबे समय से लंबित मामलों के कारण विवाद बढ़ रहे हैं, इसलिए राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर ऐसे मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में एसडीएम प्रशासन ऋषि राव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रीति सिंह, एसडीएम न्यायिक विनोद कुमार, तहसीलदार सतेंद्र सिकरवार सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण का भरोसा दिलाया।
तहसील परिसर में आयोजित इस समाधान दिवस में ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली। कई फरियादियों ने मौके पर सुनवाई और कार्रवाई होने पर संतोष जताया। प्रशासन की ओर से कहा गया कि जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समाधान दिवस की लगातार निगरानी और समीक्षा की जाएगी।
