आगरा। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को तेजी से लागू करने और आम लोगों तक इसका लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए बैंकों, बिजली विभाग और संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लोन स्वीकृति, नेट मीटरिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं में किसी भी स्तर पर देरी न हो। बैठक में अगले एक माह के भीतर बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य तय किया गया, जिससे ‘हर घर सोलर’ अभियान को नई गति मिल सके।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में पीएम सूर्य घर योजना की वर्तमान स्थिति, लंबित प्रकरणों और लाभार्थियों को आने वाली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पीओ नेडा खगेन्द्र सिंह ने योजना की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि जिले में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को लेकर लगातार कार्य किया जा रहा है और लोगों में योजना के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों को निर्देश दिए कि पीएम सूर्य घर योजना से संबंधित सभी ऋण आवेदन एसएलबीसी के निर्देशानुसार सात दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं। उन्होंने कहा कि जो भी लोन फाइलें लंबित हैं, उनका अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूर्ण स्वीकृति के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक इंतजार का सामना न करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना के क्रियान्वयन में बैंकिंग प्रक्रियाओं की धीमी गति सबसे बड़ी बाधा नहीं बननी चाहिए। पात्र आवेदकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना सभी संबंधित बैंकों की जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना से जुड़े मामलों में समन्वय बनाकर काम किया जाए और किसी भी स्तर पर लाभार्थियों को परेशान न किया जाए।

बैठक में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेट मीटरिंग की प्रक्रिया को कम से कम समय में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के नाम संशोधन और विद्युत भार बढ़ाने से संबंधित कार्यों को सिंगल विंडो व्यवस्था के माध्यम से जल्द पूरा किया जाए, ताकि सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वाले लोगों को तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और कार्बन उत्सर्जन कम करना है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च में भी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों से समन्वित तरीके से काम करने की अपील करते हुए योजना को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
बैठक में सौर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े वेंडरों को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि अगले एक माह के भीतर प्रत्येक वेंडर कम से कम एक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और 20 आवासीय घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य पूरा करें। उन्होंने कहा कि यदि निजी एजेंसियां सक्रिय भूमिका निभाएं तो शहर में तेजी से सोलर सिस्टम का विस्तार किया जा सकता है।
आगरा रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैसवाल ने बैठक में जिलाधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि कम समय में लगातार दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित होने से योजना के क्रियान्वयन में गंभीरता दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि आगरा में मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट्स में भी पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति और दिशा-निर्देश मिलने से योजना को नया विस्तार मिलेगा। इससे शहरी क्षेत्रों में अधिक संख्या में लोग योजना से जुड़ सकेंगे।
बैठक में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने योजना के प्रभावी संचालन के लिए अपने सुझाव भी रखे। विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयकों ने ऋण प्रक्रिया को और सरल बनाने पर चर्चा की, जबकि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने तकनीकी प्रक्रियाओं में तेजी लाने की आवश्यकता बताई।
समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, पीओ नेडा खगेन्द्र सिंह, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ऋषिकेश बनर्जी, दक्षिणांचल विद्युत वितरण लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र यादव, टोरेंट पावर लिमिटेड से विमर्श पंडित, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, आगरा रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव जैसवाल, कोषाध्यक्ष अंशुल गुप्ता, प्रवक्ता मयंक गोयल, दक्षिणांचल रिन्यूएबल एनर्जी एसोसिएशन के सह सचिव संजय उपाध्याय और नेडा से पंजीकृत कई वेंडर्स मौजूद रहे।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा अभियान है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए योजना को जनहित में प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
