नई दिल्ली। आगरा जनपद की सैंया विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत बिरहरू ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ प्राप्त किया है। पूरे देश से चयनित आठ सर्वश्रेष्ठ पंचायतों में शामिल होने वाली बिरहरू उत्तर प्रदेश की एकमात्र पंचायत रही। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने इसे आगरा और उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

स्कोप कन्वेंशन सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह में देशभर की उत्कृष्ट पंचायतों को सम्मानित किया गया। समारोह में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने सहभागिता करते हुए पुरस्कार प्राप्त करने वाली पंचायतों को बधाई दी और कहा कि गांवों एवं पंचायतों की मजबूती ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत के सतत विकास में पंचायतों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है और आज पंचायतें विकास की धुरी के रूप में उभर रही हैं।
समारोह में केंद्रीय पंचायती राज तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह, पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, अपर सचिव सुशील कुमार लोहानी, निदेशक विजय कुमार सहित देशभर से आए पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में प्रो. बघेल ने राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्राप्त करने वाली देश की 42 पंचायतों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंचायतों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने, सुशासन को गांवों तक पहुंचाने और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पंचायतें अहम भूमिका निभा रही हैं।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों के अंतर्गत ‘दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ (DDUPSVP) के तहत देशभर की 34 पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। वहीं ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ (NDSPSVP) के अंतर्गत देश की आठ सर्वश्रेष्ठ पंचायतों को सम्मान प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि पुरस्कार प्राप्त करने वाली 42 पंचायतों में से 22 पंचायतों का नेतृत्व महिला निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किया जा रहा है, जो ग्रामीण नेतृत्व में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण उत्तर प्रदेश के लिए तब आया जब आगरा जनपद के सैंया विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरहरू को ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ग्राम प्रधान भूरी सिंह परमार के नेतृत्व में पंचायत ने पंचायत विकास, जनभागीदारी, स्वच्छता, सामाजिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास जैसे विभिन्न मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि अर्जित की।
इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाने वाली बात यह रही कि इस श्रेणी में पूरे देश से केवल आठ पंचायतों का चयन किया गया था, जिनमें उत्तर प्रदेश से केवल बिरहरू पंचायत को स्थान मिला। इस सम्मान ने न केवल ग्राम पंचायत बिरहरू, बल्कि पूरे आगरा जनपद और उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने अपने संबोधन में बिरहरू पंचायत का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक पंचायत की सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक विकास यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पंचायत द्वारा किए गए कार्य अन्य ग्राम पंचायतों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह उपलब्धि बताती है कि जनभागीदारी और प्रभावी नेतृत्व के माध्यम से ग्रामीण विकास के नए मानक स्थापित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पंचायतों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों पर आधारित ई-बुक और विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। समारोह में ग्रामीण भारत के समग्र, समावेशी और सतत विकास में पंचायतों की केंद्रीय भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मजबूत और सक्षम पंचायतें ही विकसित भारत की आधारशिला हैं। आगरा की बिरहरू पंचायत को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल स्थानीय स्तर पर उत्साह का विषय है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है।
