आगरा। हाल ही में हुई भीषण बारिश के बाद बालूगंज स्थित बेनी सिंह वैदिक विद्यावती इंटर कॉलेज की जर्जर स्थिति और परिसर में हुए भूमि कटाव को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भवन को विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए अनुपयुक्त पाया गया। जिलाधिकारी ने छात्रों को सुरक्षित विद्यालय में स्थानांतरित करने तथा आवश्यक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनपद में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद संभावित क्षति और जनसुरक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बुधवार को बालूगंज स्थित बेनी सिंह वैदिक विद्यावती इंटर कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय भवन की स्थिति, वर्षा से हुए नुकसान तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों द्वारा उन्हें मौके की स्थिति से अवगत कराया गया। निरीक्षण में पाया गया कि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण विद्यालय परिसर से होकर गुजरने वाले नाले के आसपास भूमि कटाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके साथ ही परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव भी देखा गया। भूमि कटाव और जलभराव के कारण विद्यालय भवन के साथ-साथ आसपास स्थित कुछ आवासीय मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक उपाय तत्काल किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन ने जिलाधिकारी को बताया कि विद्यालय भवन काफी पुराना है और वर्तमान समय में जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। भवन की संरचनात्मक स्थिति कमजोर होने के कारण यह विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त नहीं रह गया है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार भवन के कई हिस्सों में समय के साथ क्षति बढ़ी है, जबकि हाल की बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
जिलाधिकारी को यह भी बताया गया कि वर्तमान में विद्यालय में लगभग 20 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन उनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को शीघ्र ही किसी सुरक्षित और उपयुक्त निकटवर्ती विद्यालय में स्थानांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए और उनके अध्ययन की निरंतरता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जल्द से जल्द लागू की जाए।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न की जाए। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन में विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखना जोखिमपूर्ण हो सकता है, इसलिए सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करते हुए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि विद्यालय भवन जर्जर और खतरनाक स्थिति में है तो नगर निगम द्वारा नियमानुसार उसकी जर्जरीकरण संबंधी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। साथ ही भवन की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कर आगे की आवश्यक कार्रवाई भी की जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसर, नाले के आसपास हुए भूमि कटाव और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए जनसुरक्षा के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाए और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने जिलाधिकारी को क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और किए जा रहे राहत एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और प्रशासन हर आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके तथा छात्रों की शिक्षा सुरक्षित वातावरण में जारी रह सके।
