आगरा। बोदला स्थित होटल जेएमएस इन में सनातन रक्षा ट्रस्ट द्वारा आयोजित “सनातन समागम” में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वक्ताओं ने सनातन मूल्यों को समाज और युवाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया। भारत माता और प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। वक्ताओं ने धर्म रक्षा, आत्मनिर्भरता, सामाजिक सहयोग, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक जागरूकता जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कविताओं और समाज को जोड़ने वाले संदेशों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। करीब 600 लोगों की उपस्थिति में कार्यक्रम का समापन राम स्तुति के साथ हुआ।

बोदला स्थित होटल जेएमएस इन में सनातन रक्षा ट्रस्ट की ओर से आयोजित “सनातन समागम” में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और प्रभु श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में डॉ मोहित आर्य, डॉ काजल शर्मा, डॉ हेमेंद्र पाठक, कवि सचिन “सारंग” और डॉ अनुराग शर्मा ने संयुक्त रूप से भाग लिया। अतिथियों का स्वागत प्रमोद, श्याम, प्रदीप, अनुपम, जनार्दन, डॉ दिवाकर तिवारी, विक्की, रितिका अरोड़ा और मोनिका द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में डॉ अनुराग शर्मा ने सनातन रक्षा ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सनातन मिलन कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम धर्म की रक्षा करेंगे तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को आगे बढ़ाने के लिए ट्रस्ट निरंतर कार्य कर रहा है और प्रत्येक सनातनी की सहायता के उद्देश्य से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था विभिन्न स्थानों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावुक और उत्साहित कर दिया। अवनी सारस्वत ने “रघुवर पधारो” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे लोगों ने खूब सराहा। सात वर्षीय सरिशा मल्होत्रा ने भी अपनी प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया और दर्शकों की तालियां बटोरीं। इसके अलावा सचिन जैन ने अपनी कविता के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता सेंट जॉन्स कॉलेज में संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ मोहित आर्य ने कहा कि सनातन हमारी संस्कृति और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि सनातन केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विश्व को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने पूर्वजों को कभी नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि अपनी जड़ों और संस्कारों को याद रखना ही सनातन को जीवित रखना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें केवल सनातन की चर्चा नहीं करनी चाहिए, बल्कि उसके वास्तविक अर्थ को समझकर जीवन में अपनाना चाहिए।
डॉ काजल शर्मा ने महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस अभियान से जुड़ें और अपने घरों के प्रत्येक सदस्य को जागरूक बनाएं।
ओजस्वी कवि सचिन दीक्षित ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से सनातन से जुड़े विषयों को प्रस्तुत किया। उनकी कविताओं ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को उत्साहित कर दिया और पूरे सभागार में जय श्रीराम तथा भारत माता की जय के उद्घोष गूंज उठे।
भवेंद्र ने समाज से पुनः मंदिरों को सनातन के शक्ति केंद्र बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम एक बार मंदिर जाकर समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों पर चर्चा करनी चाहिए। इससे समाज में आपसी सहयोग और एकता मजबूत होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडवोकेट हेमेंद्र पाठक ने अपने घर से सनातन मूल्यों को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि समाज को अपने संस्कारों और मूल्यों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों और बच्चों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ अनुराग शर्मा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन साकेत भूषण द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में अशोक तोमर, श्याम तिवारी, सुधीर टंडन, मनोज सबनानी, डॉ दिवाकर तिवारी, अनुपम शर्मा, शोभित, रोहित, रामेश्वर वर्मा, प्रदीप पाठक, प्रमोद महाजन सहित कई लोगों का विशेष सहयोग रहा।
इसके अलावा भगवान शर्मा, श्याम किशोर, सतीश चंद्र गुप्ता, अशोक अग्रवाल, रवि कन्नौटिया, डॉ वीके माहेश्वरी, हिमांशु, डॉ हरिओम सारस्वत, विनोद, दिनेश पराशर, रविंद्र जैन, विवेक गोयल, अंकुर जैन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में लगभग 600 लोगों की उपस्थिति रही और अंत में राम स्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
