आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 में समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने के उपलक्ष्य में जेपी सभागार में अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के 226 अंशकालिक अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट भी दिखाया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा तथा महिला अंशकालिक अनुदेशकों को मानदेय सहित 6 माह का मातृत्व अवकाश दिए जाने की जानकारी भी साझा की गई।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति, विधायक डॉ. जीएस धर्मेंश और मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में बढ़े हुए मानदेय को लेकर अनुदेशकों में उत्साह और खुशी का माहौल दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री के संबोधन का हुआ लाइव टेलीकास्ट
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ से आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह एवं चेक वितरण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अनुदेशकों ने देखा और सुना। मुख्यमंत्री के संबोधन ने अनुदेशकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
चेक मिलते ही खुशी से खिले अनुदेशकों के चेहरे
कार्यक्रम में जनपद के 226 अंशकालिक अनुदेशकों को जनप्रतिनिधियों द्वारा बढ़े हुए मानदेय के प्रतीकात्मक चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। चेक प्राप्त करते ही अनुदेशकों के चेहरे खुशी से खिल उठे और सभी ने प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

अनुदेशक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव: प्रो. एसपी सिंह बघेल
केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि बच्चों को निरंतर शिक्षा से जोड़कर रखने में अनुदेशकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस निर्णय के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा अनुदेशकों ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज को नई दिशा देने का कार्य किया है। अंशकालिक अनुदेशक ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मानदेय में की गई वृद्धि अनुदेशकों के समर्पण, परिश्रम और शिक्षा क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान का सम्मान है। इससे अनुदेशक और अधिक उत्साह एवं निष्ठा के साथ कार्य करेंगे तथा शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।
शिक्षक नौकरी नहीं, राष्ट्र निर्माण का आधार: धर्मवीर प्रजापति
होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि शिक्षक केवल नौकरी करने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार होता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले शिक्षक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के विद्यार्थियों को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाते थे और विद्यालय का नाम रोशन करने का भाव रखते थे।

उन्होंने बताया कि उनका बचपन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में बीता। हाथरस जनपद के गांव से प्रतिदिन कई किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय जाना पड़ता था। कठिन मौसम, संसाधनों की कमी और अभावों के बीच भी शिक्षा के प्रति समर्पण बना रहा।
उन्होंने कहा कि उस समय के शिक्षक निस्वार्थ भाव से विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का कार्य करते थे और वही संस्कार आज भी प्रेरणा देते हैं।
सरकारी विद्यालयों को आत्ममंथन की जरूरत
धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है ताकि विद्यालयों की गुणवत्ता ऐसी बने कि अभिभावक स्वयं अपने बच्चों को वहां पढ़ाने के लिए प्रेरित हों।उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि विद्यार्थियों को अपना परिवार मानकर पढ़ाएंगे तो वही बच्चे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और अधिकारी बनकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।
धर्मवीर प्रजापति ने नैतिक मूल्यों और कर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य अपने कर्मों से पहचाना जाता है। भगवान श्रीराम और रावण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने आचरण और संस्कारों के कारण समाज में सम्मान या तिरस्कार प्राप्त करता है।
उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन समय ने मानव जीवन की वास्तविकता को समझाने का कार्य किया। ऐसे समय में सेवा, सहयोग और सकारात्मक सोच सबसे बड़ी शक्ति साबित हुई।
उन्होंने उपस्थित अनुदेशकों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, सेवा भाव और सकारात्मक सोच के साथ करें।
सरकार ने अनुदेशकों के हित में लिया बड़ा फैसला: डॉ. जीएस धर्मेंश
विधायक डॉ. जीएस धर्मेंश ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार शिक्षकों, अनुदेशकों और समाज के प्रत्येक वर्ग के हित में संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में अनुदेशकों को मात्र 7,000 रुपये मानदेय मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 8,470 रुपये किया गया और अब वर्तमान सरकार ने लगभग 9,000 रुपये की वृद्धि कर इसे 17,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के हजारों अनुदेशकों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा और उनका सम्मान भी बढ़ेगा।
चिकित्सा सुविधा और मातृत्व अवकाश की घोषणा
कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही महिला अंशकालिक अनुदेशकों को मानदेय सहित 6 माह का मातृत्व अवकाश भी दिया जाएगा। इस निर्णय से महिला अनुदेशकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का संचालन रीनेश मित्तल ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार गौड़, डीसी मनरेगा रामायण सिंह यादव, डीसी एनआरएलएम राजन राय सहित अन्य संबंधित अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में अनुदेशक उपस्थित रहे।

